जानिए क्या है मंत्रिपरिषद के निर्णय

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पटना- आज को सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में 24 मामलों पर निर्णय लिये गये। इस सन्दर्भ में अपर सचिव उपेन्द्र नाथ पाण्डेय ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग के अन्तर्गत कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन में तकनीकी सहयोग करने हेतु नियोजित कृषि समन्वयको को अगले 11 माह तक या स्थायी नियुक्ति होने तक जो पहले आये, तब तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

खान एवं भूतत्व विभाग के अन्तर्गत अर्जुन प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी सहायक निदेशक, रोहतास सम्प्रति प्रभारी सहायक निदेशक, जिला खनन कार्यालय, भोजपुर को ‘‘सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के निरर्हता होगी’’ शास्ति अधिरोपण की स्वीकृति दी गई। गृह विभाग (अभियोजन निदेशालय) के अन्तर्गत अभियोजन निदेशालय, बिहार, पटना (मुख्यालय) को सुदृढ़ बनाने एवं विभागीय कार्यों के ससमय निष्पादन हेतु अभियोजन निदेशालय, बिहार, पटना में बिहार प्रशासनिक सेवा का एक पद उप सचिव-सह-उप निर्देशक (प्रशासन) सृजित करने की स्वीकृति दी गई। पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत पथ प्रमंडल, अररिया अंतर्गत नसीर चौक से बेलवा- मझगाँवा-दियारी-मोंगरा पथ के कि०मी० 0.00 से 15.60 तक (कुल-15.60 कि०मी० पथांश) में पथ अनुरक्षण कार्य सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य कुल 6059.56 लाख (साठ करोड़ उनसठ लाख छप्पन हजार) रूपये की अनुमानित व्यय पर करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति तथा पथ निर्माण विभाग के ही LPA No.-1087/2014 से संबंधित CWJC No.-4517/2007 मो० बेबी देवी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक-20.12.2011 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेश के आलोक में वित्त विभागीय संकल्प संख्या-10710 दिनांक-17.10.2013 की कंडिका- 4 की उप कंडिका-(ii) को शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-02 (औरंगाबाद-बरबड्डा) के छः लेन चौड़ीकरण हेतु गया जिलान्तर्गत अंचल-आमस के विभिन्न मौजा एवं थाना के विभिन्न खाता एवं खेसरा का कुल रकबा-0.1195 एकड़ (भूमि विवरणी संलग्न- परिशिष्ट-I) ‘‘यथास्थिति’’ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (N.H.A.I) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क स्थायी हस्तान्तरण की स्वीकृति तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ही तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-98 के चौड़ीकरण हेतु औरंगाबाद जिलान्तर्गत अंचल-ओबरा के मौजा- शंकरपुर, थाना सं०-289, खाता सं०-111, खेसरा सं०-915, 917 का रकबा क्रमशः-0.025 एकड़ एवं 0.105 एकड़ अर्थात कुल रकबा-0.13 एकड़ गैरमजरूआ मालिक भूमि ‘‘यथास्थिति’’ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (N.H.A.I) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क स्थायी हस्तान्तरण की स्वीकृति दी गई।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अन्तर्गत गणेश प्रसाद यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, मुजफ्फरपुर संप्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध बिहार पेंशन मंत्रिपरिषद के नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत पच्चीस (25) प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से रोकने का दंड अधिरोपित करने की स्वीकृति दी गई। वित्त विभाग के अन्तर्गत वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार की गई इनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम, 1978 के अधीन बिहार धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) नियमावली, 2017 को बिहार राज्य में अंगीकृत किये जाने की स्वीकृति दी गई।

पाण्डेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा की भांति आयुष (आयुर्वेद, यूनानी एवं होमियोपैथी) चिकित्सा शिक्षण सेवा के पदाधिकारियों को डी०ए०सी०पी० का लाभ दिनांक- 21.12.2010 (गैर शैक्षणिक पदाधिकारियों के लिए डी०ए०सी०पी० संबंधी नियमावली निर्गत होने की तिथि) से प्रदान करने की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग के ही तहत माननीय पटना उच्च न्यायालय में दायर समादेश याचिका संख्या-16468/2016 चन्द्रकांत कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य एवं अन्य एनालोगस वादों में दिनांक-03.04.2017 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में यक्ष्मा कार्यक्रम अन्तर्गत दिनांक-01.09.2005 के बाद नियुक्त याचिकाकार्तओं को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने एवं संबंधित पदों पर हुई प्रथम नियुक्ति की तिथि से वैचारिक लाभ की स्वीकृति दी गई।

शिक्षा विभाग के अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अन्तर्गत नवनिर्मित 100 बालिका छात्रावास को संचालित करने हेतु माॅडल स्कूल योजना के तहत प्रदत्त राज्यांश की अवशेष राशि 15600.00 लाख (एक अरब छप्पन करोड़) से 723.86100 लाख (सात करोड़ तेईस लाख छियासी हजार एक सौ) रूपये के व्यय की स्वीकृति दी गई। श्रम संसाधन विभाग के अन्तर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना-2.0 के अन्तर्गत केन्द्र प्रायोजित राज्य संचालित अवयव (Centrally Sponsored State Managed Component) के अधीन भारत सरकार से विभिन्न चरणों में प्राप्त होने वाली कुल राशि रू०- 138,05,74,540/-(एक सौ अड़तीस करोड पाँच लाख चौहत्तर हजार पाँच सौ चालीस) मात्र की, राज्य के युवाओं को बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित करने संबंधी योजना की स्वीकृति के एवं वित्तीय वर्ष 2017-18 में रू० 36,81,62,000/-(छत्तीस करोड़ इक्कासी लाख बासठ हजार) मात्र की राशि सहायक अनुदान के रूप में बिहार कौशल विकास मिशन को विमुक्त एवं व्यय करने की स्वीकृति दी गई। नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत बिहार नगरपालिका वार्ड समिति (सामुदायिक भागीदारी) नियमावली, 2013 में संशोधन की स्वीकृति दी गई। कृषि विभाग के अन्तर्गत कृषि रोड मैप वर्ष 2017-2022 का 154635.69 करोड़ रूपये (एक लाख चौवन हजार छः सौ पैंतीस करोड़ उनहत्तर लाख रूपये) की लागत पर योजना कार्यान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। तदनुसार विभिन्न विभागों के विविध प्रोजेक्ट हेतु संभावित खर्च का प्राक्कलन इस प्रकार है – कृषि 21612 करोड़, पशु एवं मत्स्य संसाधन 5685.91 करोड़, ग्रामीण कार्य 52935 करोड़, लघु जल संसाधन 25777 करोड़, जल साधन 24614.41 करोड़, सहकारिता 6131.92 करोड़, गन्ना उद्योग 1090 करोड़, राजस्व एवं भूमि सुधार 432 करोड़, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण 2262 करोड़, ऊर्जा 7070.86 करोड़, पर्यावरण एवं वन 2435.32 करोड़ तथा खाद्य प्रसंस्करण 4588 करोड़।

नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत केन्द्र प्रायोजित Smart City Mission योजना के अन्तर्गत मुजफ्फरपुर शहर को Smart City के रूप में विकसित करने हेतु एक SPV कम्पनी ‘‘मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कम्पनी’’ के MoA एवं AoA सहित गठन के प्रस्ताव पर स्वीकृति एवं योजना पर अनुमानित व्यय 1580.00 करोड़ (पन्द्रह सौ अस्सी करोड़ रू० मात्र) रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्यांश के रूप में 490.00 करोड़ (चार सौ नब्बे करोड़ रू० मात्र) एवं कम्पनी के निबंधन के लिए 2.50 करोड़ (दो करोड़ पचास लाख) रूपये राज्यांश के रूप में व्यय की स्वीकृति, मुख्यमंत्री आदर्श निकाय प्रोत्साहन योजना की स्वीकृति, समस्तीपुर जिलान्तर्गत सिंघिया को नगर पंचायत घोषित करने की स्वीकृति, केन्द्र प्रायोजित Smart City Mission योजना के अन्तर्गत पटना शहर Smart City के रूप में विकसित करने हेतु एक SPV कम्पनी ‘‘पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड कम्पनी’’ के MoA एवं AoA सहित गठन के प्रस्ताव पर स्वीकृति एवं योजना पर अनुमानित व्यय 2776.16 करोड़ (दो हजार सात सौ छिहत्तर करोड़ सोलह लाख) रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति तथा इसमें योजना के लिए 465.00 करोड़ (चार सौ पैंसठ करोड) रूपये एवं कंपनी के निबंधन के लिए 2.50 करोड़ (दो करोड़ पचास लाख) रूपये राज्यांश के रूप में व्यय की स्वीकृति तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के ही तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना हेतु पटना नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत मौजा-रामाचक एवं बैरिया में अर्जित की गई कुल 80.53 एकड़ रैयती भूमि के रैयतों को मुआवजा भुगतान हेतु पूर्व में उपलब्ध कराई गई राशि 7164.99828 लाख (एकहत्तर करोड़ चौसठ लाख निन्यानवे हजार आठ सौ अठाईस रू०) के अतिरिक्त भू-अर्जन के प्राक्कलन के अनुरूप अवशेष राशि 9058.70 लाख (नब्बे करोड़ अंठावन लाख सत्तर हजार रू०) के व्यय की स्वीकृति दी गई।

उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत सी०डब्लू०जे०सी० संख्या-12762/2005 शत्रुघ्न राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य से उदभूत अवमाननावाद संख्या-4278/2013 शत्रुघ्न राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक-16.08.17 को पारित आदेश के आलोक में शत्रुघ्न राय सेवानिवृत कनीय अभियंता (असैनिक) को दिनांक-01.01.98 के प्रभाव से सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर वेतनमान (6500-200- 10500 अपुनरीक्षित) में भूतलक्षी प्रभाव से देय वित्तीय लाभ सहित नियमित प्रोन्नति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत पटना जिला में पूर्व से संचालित विशेष गृह ‘आसरा’ के अलावा 50 आवासीय क्षमता वाले दो अतिरिक्त विशेष गृह ‘आसरा’ खोले जाने तथा प्रत्येक आसरा गृह का संचालन/संधारण रू० 50,00,000/-(पचास लाख) प्रति वर्ष के स्थान पर रू० 76,68,000/-(छिहत्तर लाख अड़सठ हजार) प्रति वर्ष की लागत पर करने जिसमें राज्य सरकार एवं स्वयंसेवी संस्थान का अनुपातिक अंशदान 90ः10 होगा तथा जिसमें आवर्ती व्यय एवं अनावर्ती व्यय क्रमशः रू० 67,08,000/-(सड़सठ लाख आठ हजार) तथा रू० 9,60,000/-(नौ लाख साठ हजार) संभावित है, की स्वीकृति दी गई। शिक्षा विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में मध्याह्न भोजन स्कीम अन्तर्गत शत प्रतिशत राज्यांश मद से विद्यार्थियों को पूरक पोषक आहार के रूप में सप्ताह में एक दिन अण्डा/मौसमी फल उपलब्ध कराने हेतु राज्य योजना से छः माह के लिए कुल अनुमानित लागत रू० 151,14,30,000/- (एक सौ एक्यावन करोड़ चौदह लाख तीस हजार) मात्र व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अन्तर्गत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के नियंत्रण में कार्यरत लोक उपक्रम बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लि० के प्रशासनिक संरचना के पुनर्गठन एवं वार्षिक वित्तीय व्यय 3815.18 लाख (तीन हजार आठ सौ पन्द्रह लाख अठारह हजार) रूपये पर 1281 पदों की स्वीकृति दी गई।