Monday, July 15, 2019

    Bihar Songs

    छठ नहाय-खाय के कुछ पारंपरिक गीत

    छठ गीत नहाय-खाय के कुछ पारंपरिक गीत 1) छठिया जे उनहे कातिक मासे, बारहों बाजन लेले गढ़ से जे उतरी ले महादेव, अपनी सजन लेले डोली से जे उतरे ली गौरा देहि, गोदी में बालक लेले, होई छठी परसन, आगे...

    मनोरंजन बाबू की कविता

    मनोरंजन बाबू। राजेंद्र कॉलेज छपरा के धाकड़ प्रिंसिपल रहनी। राहुल सांकृत्यायन जी के किसान आंदोलन से भी जुड़ल रहनीं। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ भी। ऊंहा के एगो कविता- अबहूँ कुहुकिएके बोले ले कोइलिया, नाचेला...