Monday, February 18, 2019

    Bihar Songs

    छठ नहाय-खाय के कुछ पारंपरिक गीत

    छठ गीत नहाय-खाय के कुछ पारंपरिक गीत 1) छठिया जे उनहे कातिक मासे, बारहों बाजन लेले गढ़ से जे उतरी ले महादेव, अपनी सजन लेले डोली से जे उतरे ली गौरा देहि, गोदी में बालक लेले, होई छठी परसन, आगे...

    भोजपुरी लोक गीतों में सावन

    १. सखि हो काली बदरिया रात देखत निक लागे ए हरी गड़ गड़ गरजै, चम चम चमकै, सखि हो झम झम बरसै न २."नथिया का कारन हरि, मोरे उतरि गईले पार रतियाँ सेजिया ही अकेली दिनवां बतियों ना सोहाई. एकत...