Monday, February 18, 2019

    Creative Corner

    हर घर कहती यही कहानी रही

    राहों पे बाट जोहती जवानी रही मेरे गाँव की यही निशानी रही जो कदम गए , कभी लौटे नहीं सदियों तलक यही परेशानी रही पनघट, खेत, नदी-नाले रोते रहे दिन-रात हर जगह वीरानी रही माँ...

    हर दिल में रावण बसता है

    हर दिल में रावण बसता है मोह-माया कि जाल में हर कोई फंसता है। दूसरों को रुला कर हर कोई हंसता है, हर दिल मे रावण बसता है। दिल मे ना हो रावण, कठीन वो हर रास्ता है, राम बहुत...

    On clash of Ideas in a democracy…..

    By Mayank K.   The modern era marked the rise of democracy in many countries and it created space for different dogmas within the society. People directly started to participate in the process of Government making...

    I Wish

    I wish I could decide ever that your presence, your acquaintance is to me a boon or a bane. I also wish I could control my mind which like a pendulum sways across two extremes. Is it your diatribe...