Sunday, June 25, 2017

    Editor Speaks

    मरता सिर्फ शहीद नहीं

    मरता देश का गुरुर है, स्वाभिमान है, उसका परिवार है गया। ना रौशनी, ना रास्ते और ना ही स्कूल, पर देशभक्ति का जुनून ऐसा की सेना में भर्ती हो गए। देश को आज़ाद हुए 70...

    तेजस्वी की पॉजिटिव राजनीति शहाबुद्दीन ही है !

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपमान होता रहा। आरजेडी कोटे के मंत्री चुपचाप देखते रहे। बिहार के उपमुख्यमंत्री और आरजेडी खानदान के वारिस तेजस्वी यादव ने आज ट्वीट कर लिखा है कि वो नेगेटिव राजनीति...

    क्यूं डरते हैं शहाबुद्दीन से लालू ?

    लालू से एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि लालूजी क्या आप भी शहाबुद्दीन से डरते हैं ? तो लालू ने कहा कि मैं आपसे डरता हूँ। लालू यादव आखिर इतने बड़े आपराधिक छवि वाले...

    तारीफ़ से ये अपमान अच्छा

    अच्छा हुआ कि शहाबुद्दीन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ़ नहीं कि वरना लोग यही समझते कि नीतीश ने ही शहाबुद्दीन को जेल से छूटने में मदद की। चालीस अपराधिक मुकदमों के...

    फिल्म फेस्टिवल में क्यूं परोसा गया अंडररेटेड फिल्म ?

    फ्रांस है सिनेमा का जनक, क्यूं भूल गए लोग ? बहुत तामझाम से बिहार के अधिवेशन भवन में चल रहे अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भाग लेने मैं भी अपने स्टूडेन्ट्स के साथ शनिवार को गई...

    बिहार में जब खबर की ही हो गई ‘लूट’

    खबर लूटा, अब अवार्ड मत लूटना मिलिए टॉपर घोटाले को उजागर करने वाले असली हीरो से माल महाराज का मिर्ज़ा खेले होली फिल्म पिपली लाइव के असल ज़िदगी की कहानी बिहार के वैशाली जिले के दो पत्रकारों...

    License to de-addict: It’s a fight to the finish

    In villages of Bihar, women sing a song -- Mitti me milal zindagani, Balam piye mahua ke paani (My life has gone to dust, my husband drinks water of the Mahua (butter tree)). It...

    शिक्षकों के हाथ में है राष्ट्र निर्माण का दायित्व

    साठ के दशक में आई कोठारी कमिशन की रिपोर्ट ने यह रेखांकित किया था कि भारत का भाग्य इस देश की कक्षाओं में निर्मित होता है। यह कोई साधारण बात नहीं है कि इन...

    चाल पर चाल

    डॉ मनीषा प्रकाश   होर्डिंग, पोस्टर, टीवी पर विज्ञापन या फिर बयानों के तीर तो चल रहे हैं जिसे हर कोई देख और समझ रहा है पर अंदरखाने में कुछ ऐसी भी चालें होती हैं जिसे...

    जिसने पाप ना किया हो…

    हर गलती करने वाले को खुद को सुधारने का मौका जरुर मिलना चाहिए। हालांकि ये गलती किस प्रकार की है इस पर निर्भर करता है। जिस प्रकार से एक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बाल...

    फोली का कटा हुआ सिर और बिहार के उच्चके

    पत्रकारों को कई विशेषणों से अलंकृत किया जाता रहा है मसलन बिकाऊ, दारुबाज, चमचा, चाटुकार, पिछलग्गू, जालसाज, इत्यादि। साथ ही यह भी उतना ही सच है कि कई लोगों को कठघरे में खड़ा करने...

    दीवार पर क्या लिखा है ?

    2010 चुनाव के ठीक पहले बिहार विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा था -- दीवार की लिखावट को पहचानिए। आत्मविश्वास से लबरेज नीतीश के ये...

    आसमान से गिरे खजूर पर अटके

    अभी बहुत वक्त नहीं गुज़रे जब वो उनके साथ नज़र आने से बचते रहे। कई दिनों तक हालात इस शेर की तरह रहे -  खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं, साफ छुपते...

    भोजपुरी फिल्मों को लगी है छूत की बीमारी

    मनीषा प्रकाश कहते हैं भाषा में समाज का सच दिखता है। योगसूत्र के रचनाकार पतंजलि ने भी कहा था कि भाषा का निर्माण लोक करता है। सिनेमा उस लोक का ही हिस्सा है और हर...