Tuesday, September 18, 2018

    History

    घुड़सवारों का मुकाबला लाठी से

    सीवान जिले में आंदर एक थाना है. आंदर थाने में ही जीरादेई गाँव है, जो गणतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जन्मभूमि है. इसी गाँव से दो मील की दूरी पर...

    हसन इमाम साहब ने बूढ़े दुकानदार के पैरों पर क्यों अपनी टोपी उतारकर रख...

    पटना - शायद ही कोई बिहारवासी होगा, जिसने अली इमाम साहब का नाम नहीं सुना होगा. इनका नाम बड़ी श्रद्धा से याद किए जाते हैं. ये बिहार के निर्माताओं में से थे. अली इमाम...

    मानव जाति की प्रारंभिक रचनात्मक कला का उत्सव शैल चित्र कला

    पटना - बिहार संग्रहालय, पटना अपने सहकारिता प्रोग्राम के तहत इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (IGNCA) नई दिल्ली के सहयोग से बिहार संग्रहालय के अस्थायी दीर्घा में विश्व शैलचित्र कला (विषय) पर आधारित एक...

    वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण – देव स्थित सूर्य मंदिर

    औरंगाबाद - बिहार के औंरंगाबाद जिले में देव स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर अपनी कलात्मक भव्यता के लिए प्रसिद्ध है. यह देशी-विदेशी पर्यटकों, श्रद्धालुओं और छठव्रतिओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है. इस...

    22 सौ साल पुरानी कौन सी मंदिर है जहाँ की मूर्तियाँ खजुराहो से मिलती...

    दिलीप कुमार कैमूर - बैजनाथ धाम के तर्ज पर कैमूर जिले में भगवान भोलेनाथ की भव्य मंदिर है। जहां सावन के महीने में शिव भगवान को जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालु बिहार ही नहीं...

    पतेसर शरीफ में पूरी होती हर दुआ

    बिहार हमेशा से ही सूफी-संतों की कर्म और साधना स्थल रहा है. यहाँ सूफी-संतों ने मानव मन को वैचारिक पवित्रता प्रदान करने के लिए आध्यात्मिकता की अविरल धारा प्रवाहित की है. कैमूर की पावन...

    आस्था का पर्याय, माँ मुंडेश्वरी धाम!

    बिहार के कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से लगभग 15 किलोमीटर दूर कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित माँ मुंडेश्वरी एवं महामंडलेश्वर महादेव का मंदिर है. यह मंदिर लगभग साढ़े सौ फीट की ऊंचाई पर है....

    दिलचस्प है चाय का इतिहास, वाह बिहार!

    असम और दार्जिलिंग की चाय के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन किशनगंज और कटिहार ब्रांड बिहार चाय है. बिहार में चाय की खेती सर्वप्रथम 1982 में किशनगंज जिले में आधा हेक्टेयर भूमि...

    बड़ा अलबेला है बसैठी का यह मेला!

    अररिया - यहाँ के मंदिरों का कई इतिहास है. इसमें बसैठी का भी शिव मंदिर खास है. जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर बसैठी में सत्रहवीं सदी में स्थापित यह मंदिर आस्था का केंद्र...

    लोक कलाकार भिखारी ठाकुर

    बिहार के भोजपुर जनपद में एक ऐसे कलाकार ने जन्म लिया, जिसने अपने गीत एवं नाट्य-नाच कला से तत्कालीन समाज-व्यवस्था को झकझोर दिया। वो और कोई नहीं बल्कि बिहार के सारण जिले में जन्मे...

    संत रामकृष्ण परमहंस का गया से है गहरा नाता

    श्री रामकृष्ण परमहंस एक ऐसे संत जिन्हें कोई विष्णु का अवतार कहता है तो कोई हिन्दू धर्म की गंगा। इस महान संत ने एक से एक शिष्य दिए जो आज भी देश-विदेश को अध्यात्म...

    क्या आप जानते हैं नालंदा विश्वविद्यालय में आग किसने लगाई

    नालंदा विश्वविद्यालय! इस नाम का उच्चारण आपको ज्ञान के भारत के प्राचीन इलाके में ले जाएगा। बिहार में स्थित उच्च शिक्षा का यह प्राचीन केंद्र (मगध के प्राचीन साम्राज्य में), तक्षशिला के बाद भारत...

    क्या आप जानते हैं बांकीपुर मैदान गांधी मैदान में कैसे परिवर्तित हुआ

    आज का गांधी मैदान बांकीपुर मैदान के नाम से जाना जाता था, परन्तु आज यह जन-जन के बीच गांधी मैदान के नाम से जाना जाता है. लेकिन यह जानकारी बहुत कम लोगों को है...

    नमक सत्याग्रह आन्दोलन में चौगाई लोगों की क्या थी भूमिका

    "हर गलियों हर कूचे में लग गई आग आजादी की। चलो हिन्दवों स्वागत करने देवी खड़ी आजादी की।।" 12 मार्च, 1930 को महात्मा गांधी साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दण्डी मार्च पर कूच किये। गांधी के दण्डी...

    क्यों कहते हैं कुँवर सिंह भी बड़ा वीर मर्दाना था

    पटना - "वीर भक्त का वही जाह्नवी को मानो नजराना था, सब कहते हैं कुँवर सिंह भी बड़ा वीर मर्दाना था" जगदीशपुर के राजमहल में एक वृद्ध युवक के दिल में अंग्रेज शासक के...