Thursday, December 12, 2019

    History

    मैथली कंठ महाकाव्य के रूप में अमरगाथ ; राजा सलहेस

    पटना- मिथला पहला राज्य है जो पूर्वी भारत में स्थापित हुआ और आज बिहार का हिस्सा है. राज्य के उत्तर में स्थित है. एक समय हिमालय कि तलहटी से लेकर गंगा के दाहिने भाग...

    युवाओं को भाता है पश्चिम दरवाजे का ताजे दूध से बना मटके का लस्सी

    पटना - ताजे दूध से जमा मटके का दही, फूल की खुशबू ड्राइफ्रूट, मलाई से तैयार गंगा शाही लस्सी पीना है तो पश्चिम दरवाजा चले आइए. नवाब बहादुर रोड के मुहाने पर ऊंची दुकान...

    मिथिलांचल का पवित्र पर्व जुड़-शीतल

    आधुनिकता के इस दौर में भी मिथिलांचल के लोग अपनी परंपरा का बखूबी निर्वाह करते हैं। खास बात यह है कि उन परंपराओं के पीछे भी कई खूबसूरत उद्देश्य छिपे रहते हैं जिससे आम...

    महिला चरखा समिति में मिल जाएगी जेपी की यादों की बारात

    पटना - वर्ष 1940 में महिला चरखा समिति की स्थापना के बाद वर्तमान में जेपी की यादों को चरखा समिति अपने सीने में लगाए है. भवन में लोक नायक जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी...

    जेपी आंदोलन का मुख्य केंद्र था गांधी स्मारक निधि भवन

    पटना - कदमकुआँ स्थित कांग्रेस मैदान के ठीक सामने जेपी आंदोलन का कार्यालय था स्मारक निधि भवन. भारत छोड़ो आंदोलन के बाद १९७४ में जेपी क्रांति का मुख्य कार्यालय स्मारक निधि में हुआ करता...

    लोक गाथाओं से जुड़ी है मंजूषा कला की इतिहास

    पटना - भारत विविधताओं का देश है. यहाँ अनेक लोककलाएं है, जिसमें हर राज्य की कुछ अपनी पारंपरिक कलाएं हैं. इन सबमें बिहार की प्राचीन लोक कला मंजूषा कला है. मंजूषा कला भागलपुर की...

    कैसे हुई बुढ़वा होली की शुरुआत ?

    पटना - बिहार की होली का अपना ही महत्व है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में रंगों का यह त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है. मगध की धरती पर होली के अगले दिन बुढ़वा...

    स्वतंत्रता आंदोलन में भोजपुर कनेक्शन

    स्वाधीनता महासंग्राम से लेकर स्वतंत्रता आन्दोलन तक बिहार के भोजपुर क्षेत्र की क्रांतिकारी भूमिका रही है. अंग्रेजी सल्तनत को सर्वप्रथम मीरकासिम ने ही बक्सर में चुनौती दी थी, जो बिहार की ऊर्जा की पहली...

    काफी समृद्ध है पटना यूनिवर्सिटी की सेन्ट्रल लाइब्रेरी का इतिहास !

    पटना - पटना यूनिवर्सिटी की सेन्ट्रल लाइब्रेरी का इतिहास बहुत ही समृद्ध है. यहाँ लैला-मजनूं के प्रेम पत्र की पांडुलिपि खास है. वहीं दुर्लभ पांडुलिपियां जो संस्कृत, उर्दू, पर्सियन, अरबी, मैथली, हिंदी, तिब्बती, पाली,...

    पटना के व्हाइट पिलर हाउस से इंग्लैंड तक जाता था खाद्य पदार्थ

    पटना - राजधानी पटना में डच वास्तु शैली में निर्मित, स्तंभों वाला मकान काफी फेमस था. यह शुभ्र श्वेत मकान दीघा की बाटा फैक्ट्री के प्रबंधक का निवास था. 'व्हाइट पिलर हाउस' के नाम...

    सरोजिनी नायडू से शुरू हुआ बिहार आकर सियासत में किस्मत चमकाने का सिलसिला

    पटना - सियासत में बिहार आकर किस्मत आजमाने का सिलसिला सरोजिनी नायडू से शुरू होता है. आजादी से पहले 1946 में संविधान सभा के लिए उन्हें बिहार से ही सदस्य चुना गया था. हैदराबाद...

    पटना में जन्मे शेख दीन मोहम्मद ने इंग्लैंड में खोला था पहला भारतीय रेस्तरां

    पटना - पटना के शेख दीन मोहम्मद एक सहायक सर्जन, यात्री, लेखक और रेस्तरां संचालक थे. उनका जन्म 15 जनवरी, 1759 को पटना में हुआ था. 1794 में 15 जनवरी को ही उनकी अंग्रेजी...

    तो गया में तिलकुट की शुरूआत डेढ़ सौ साल पहले गोपी साव नामक हलवाई...

    गया - मकर संक्रांति को लेकर गया का तिलकुट व्यवसाय इन दिनों अपने पूरे परवान पर है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे देश में मनायी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन...

    390 साल पुराना है पादरी की हवेली !

    पटना - 390 साल पुराना है ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल पादरी की हवेली का इतिहास. 1628 में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा पटना स्थित पादरी की हवेली चर्च की स्थापना की गयी थी. मुगल...

    ‘मनियार मठान’ था मनेरशरीफ का प्रारंभिक नाम !

    पटना - बिहार के प्रमुख मजारों में शुमार मनेरशरीफ दरगाह किसी तीर्थ स्थान से कम नहीं है. उर्स के मेले के अलावे यहाँ पर सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. यहाँ पर...