Sunday, April 11, 2021

    History

    शेरशाह सूरी का मकबरा: अफगानी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना

    पटना: सासाराम का नाम सुनते ही दिल व दिमाग में शेरशाह सूरी की तस्वीर बन जाती है वही शेरशाह सूरी जिन्होंने ग्रांड ट्रंक रोड बनवाया था। आज उसी भूमि यानी सासाराम का चर्चा करते...

    कैमूर पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी मंदिर, भारत का सबसे पूराना मंदिर

    बिहार के कैमूर जिले के प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है। यह मंदिर 608 फीट ऊंची कैमूर पहाड़ी पर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मन्नत...

    पावापुरी के जल मंदिर का अदभुत सौन्दर्य

    पटना: बिहार के नालंदा जिले में स्थित पावापुरी शहर है। यह जैन धर्म के मतावलंबियो के लिये एक अत्यंत पवित्र शहर है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने निर्वाण यहीं प्राप्त की...

    पटना की पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना

    पटना: पटना के सुलतानगंज थाना अंतर्गत अशोक राजपथ से गंगा के पर पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना है। इस मस्जिद को चिम्मी का भी मस्जिद कहा जाता है। इसका एक और...

    बिहार: एक परिचय

    बिहार के सन्दर्भ में प्रथम जानकारी हमें “शतपथ ब्राह्मण” से मिलती है, जिसमें माधव विदेह नामक एक राजा का उल्लेख है जिसने मिथला के गौरवशाली साम्राज्य की आधारशिला रखी। बिहार की प्राचीनता इसके नाम से...

    मोहम्मद गजनी ने देखा था ब्रह्मेश्वर नाथ का चमत्कार

    पटना: बिहार के भोजपुर- बक्सर जनपद के सीमा क्षेत्र में ब्रह्मपुर धाम से चर्चित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर...

    मिर्चा चूड़ा : नाम तीखा लेकिन स्वाद बड़ा मीठा

    बेतिया - बेतिया पश्चिम चंपारण जिले का मुख्यालय है जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सबसे बड़े शहरों में से एक है. 'बेतिया' शब्द 'बेंत' से उत्पन्न हुआ है जो कभी यहाँ बड़े पैमाने पर...

    दानापुर गणेश मेले में जुटते हैं श्रद्धालु

    पटना - भगवान गणेश, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. इनकी पूजा भी बिहार के विभिन्न हिस्सों में भव्य तरीके से होती है. कई हिस्सों में भादो पूर्णिमा के दिन गणेश मेला का आयोजन...

    पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा में 22 सौ साल पुरानी मूर्ति

    पटना - पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा की तरफ गैलरी में प्रथम विश्व का हथियार और लकड़ी के तलवार को सुरक्षित रखा गया है. प्रथम विश्वयुद्ध से पहले इस्तेमाल किये जाने वाले बन्दूक का...

    यक्षिणी की मूर्ति के सम्मान में 18 अक्टूबर को मनेगा बिहार कला दिवस

    पटना: विश्वविख्यात यक्षिणी की मूर्ति के साथ एक और सम्मान जुड़ गया है। बिहार सरकार ने चामर ग्राहिणी यक्षिणी के सम्मान में यक्षिणी की प्राप्ति तिथि 18 अक्टूबर को हर साल 'बिहार कला दिवस'...

    भारत छोड़ो आंदोलन और बिहार

    अंग्रेजों की क्रूर दमन नीति के कारण राष्ट्रीय भावना उग्रतर होती गई. सारे हिन्दुस्तानियों की नसों में क्रान्ति का रक्त दौड़ उठा. 7 अगस्त, 1942 को कांग्रेस के बम्बई अधिवेशन में "अंग्रेजों भारत छोड़ो"...

    ‘मनियार मठान’ था मनेरशरीफ का प्रारंभिक नाम !

    पटना - बिहार के प्रमुख मजारों में शुमार मनेरशरीफ दरगाह किसी तीर्थ स्थान से कम नहीं है. उर्स के मेले के अलावे यहाँ पर सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. यहाँ पर...

    सच्चे मन से मांगी गयी मुराद पूरी होती है कुंडलपुर में

    नालंदा - नालंदा से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर कुंडलपुर गाँव अवस्थित है. ऐसी मान्यता है कि जैनों के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर का जन्म यहीं हुआ था. जैन आचार्या ज्ञान मति माता...

    सुपौल के इस मंदिर में भीम ने की थी भोलेनाथ की पूजा

    बिहार के सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सांस्कृतिक रुप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल...

    390 साल पुराना है पादरी की हवेली !

    पटना - 390 साल पुराना है ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल पादरी की हवेली का इतिहास. 1628 में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा पटना स्थित पादरी की हवेली चर्च की स्थापना की गयी थी. मुगल...