Wednesday, September 19, 2018

    History

    पावापुरी के जल मंदिर का अदभुत सौन्दर्य

    पटना: बिहार के नालंदा जिले में स्थित पावापुरी शहर है। यह जैन धर्म के मतावलंबियो के लिये एक अत्यंत पवित्र शहर है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने निर्वाण यहीं प्राप्त की...

    दीदारगंज यक्षिणी की शताब्दी वर्ष

    विश्व विख्यात दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा की प्राप्ति एक संयोग ही है। यह प्रतिमा गंगा नदी के किनारे पूर्वी पटना के दीदारगंज स्थित धोबी घाट से उदघाटित हुई, जो की धोबी घाट पर उल्टी...

    बिहार: एक परिचय

    बिहार के सन्दर्भ में प्रथम जानकारी हमें “शतपथ ब्राह्मण” से मिलती है, जिसमें माधव विदेह नामक एक राजा का उल्लेख है जिसने मिथला के गौरवशाली साम्राज्य की आधारशिला रखी। बिहार की प्राचीनता इसके नाम से...

    शेरशाह सूरी का मकबरा: अफगानी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना

    पटना: सासाराम का नाम सुनते ही दिल व दिमाग में शेरशाह सूरी की तस्वीर बन जाती है वही शेरशाह सूरी जिन्होंने ग्रांड ट्रंक रोड बनवाया था। आज उसी भूमि यानी सासाराम का चर्चा करते...

    यक्षिणी की मूर्ति के सम्मान में 18 अक्टूबर को मनेगा बिहार कला दिवस

    पटना: विश्वविख्यात यक्षिणी की मूर्ति के साथ एक और सम्मान जुड़ गया है। बिहार सरकार ने चामर ग्राहिणी यक्षिणी के सम्मान में यक्षिणी की प्राप्ति तिथि 18 अक्टूबर को हर साल 'बिहार कला दिवस'...

    मोहम्मद गजनी ने देखा था ब्रह्मेश्वर नाथ का चमत्कार

    पटना: बिहार के भोजपुर- बक्सर जनपद के सीमा क्षेत्र में ब्रह्मपुर धाम से चर्चित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर...

    153 वर्ष का हुआ जिला गया

    गया - आज 153वें गया जिला स्थापना दिवस को काफी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह टॉवर चौक से रन फ़ॉर गया का फ्लैग ऑफ किया गया। रन फ़ॉर गया में कृषि...

    सरकारी उपेक्षा के कारण कन्दाहा का सूर्य मंदिर गुमनामी के कगार पर

    सहरसा- कोणार्क और देव सरीखा नहीं अगर शास्त्र को मानें तो इन दोनों से श्रेष्ठ सहरसा जिले के कन्दाहा ग्राम स्थित अति विशिष्ट सूर्य मंदिर आज सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल-झेल...

    पटना की पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना

    पटना: पटना के सुलतानगंज थाना अंतर्गत अशोक राजपथ से गंगा के पर पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना है। इस मस्जिद को चिम्मी का भी मस्जिद कहा जाता है। इसका एक और...

    सुपौल के इस मंदिर में भीम ने की थी भोलेनाथ की पूजा

    बिहार के सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सांस्कृतिक रुप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल...

    नवपाषाण काल का साइट चिरांद की स्थिति गंभीर

    सारण: इस बार बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से काफी कटाव हुआ है। जिससे चिरांद के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के दौरान जल संसाधन विभाग की टीम ने इस...

    नेपाली मंदिर बिहार का खजुराहो

    भारतीय समाज में अनादि काल से सामाजिक प्रकाश स्तंभ की भांति मंदिरों का अस्तित्व विद्यमान रहा है। बिहार के हाजीपुर में कौनहारा घाट पर बना नेपाली मंदिर काष्ठ कला का अदभूत नमूना है। पटना-मुजफ्फरपुर...

    Dr Rajendra Prasad’s speech on August 14 in Parliament

    CONSTITUENT ASSEMBLY OF INDIA - Volume-V Thursday, the 14th August 1947 The Fifth Session of the Constituent Assembly of India commenced In the Constitution Hall, New Delhi, at Eleven P.M, Mr. President (The Honourable Dr. Rajendra...

    एक चिता पर बना दरभंगा का श्यामा काली मंदिर, जाने पूरी कहानी

    पटना: बिहार के दरभंगा जिले में बहुत सारे मंदिर है उन्ही मंदिरों में एक रामेश्वरी श्यामा काली मंदिर है। इस काली मंदिर का अपना अलग ही पहचान है। मां के इस मंदिर को भक्त...

    गंगा-यमुनी तहजीब का संगम मनेर शरीफ दरगाह

    बिहार के मनेर शरीफ जो सूफी संत मखदमू यहया मनेरी के नाम से जाने जाते है। मनेर शरीफ खानकाह का इतिहास काफी पुराना है। देश में सूफी सिलसिले की शुरुआत का गवाह मनेर शरीफ...