Thursday, January 24, 2019

    History

    पावापुरी के जल मंदिर का अदभुत सौन्दर्य

    पटना: बिहार के नालंदा जिले में स्थित पावापुरी शहर है। यह जैन धर्म के मतावलंबियो के लिये एक अत्यंत पवित्र शहर है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने निर्वाण यहीं प्राप्त की...

    दीदारगंज यक्षिणी की शताब्दी वर्ष

    विश्व विख्यात दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा की प्राप्ति एक संयोग ही है। यह प्रतिमा गंगा नदी के किनारे पूर्वी पटना के दीदारगंज स्थित धोबी घाट से उदघाटित हुई, जो की धोबी घाट पर उल्टी...

    शेरशाह सूरी का मकबरा: अफगानी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना

    पटना: सासाराम का नाम सुनते ही दिल व दिमाग में शेरशाह सूरी की तस्वीर बन जाती है वही शेरशाह सूरी जिन्होंने ग्रांड ट्रंक रोड बनवाया था। आज उसी भूमि यानी सासाराम का चर्चा करते...

    बिहार: एक परिचय

    बिहार के सन्दर्भ में प्रथम जानकारी हमें “शतपथ ब्राह्मण” से मिलती है, जिसमें माधव विदेह नामक एक राजा का उल्लेख है जिसने मिथला के गौरवशाली साम्राज्य की आधारशिला रखी। बिहार की प्राचीनता इसके नाम से...

    दानापुर गणेश मेले में जुटते हैं श्रद्धालु

    पटना - भगवान गणेश, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. इनकी पूजा भी बिहार के विभिन्न हिस्सों में भव्य तरीके से होती है. कई हिस्सों में भादो पूर्णिमा के दिन गणेश मेला का आयोजन...

    सच्चे मन से मांगी गयी मुराद पूरी होती है कुंडलपुर में

    नालंदा - नालंदा से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर कुंडलपुर गाँव अवस्थित है. ऐसी मान्यता है कि जैनों के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर का जन्म यहीं हुआ था. जैन आचार्या ज्ञान मति माता...

    पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा में 22 सौ साल पुरानी मूर्ति

    पटना - पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा की तरफ गैलरी में प्रथम विश्व का हथियार और लकड़ी के तलवार को सुरक्षित रखा गया है. प्रथम विश्वयुद्ध से पहले इस्तेमाल किये जाने वाले बन्दूक का...

    चरमपोश की मजार पर दूर-दूर से अकीदतमंद आकर अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाते हैं

    पटना - बिहारशरीफ के अम्बेर शेखाना मुहल्ला में हजरत मखूदम सैयद सुल्तान अहदम चरमपोश के मजार पर दूर-दूर से अकीदतमंद आकर अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाते हैं. हजरत मखूदम चरमपोश का वफात (इंतकाल) लगभग...

    मिर्चा चूड़ा : नाम तीखा लेकिन स्वाद बड़ा मीठा

    बेतिया - बेतिया पश्चिम चंपारण जिले का मुख्यालय है जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सबसे बड़े शहरों में से एक है. 'बेतिया' शब्द 'बेंत' से उत्पन्न हुआ है जो कभी यहाँ बड़े पैमाने पर...

    यक्षिणी की मूर्ति के सम्मान में 18 अक्टूबर को मनेगा बिहार कला दिवस

    पटना: विश्वविख्यात यक्षिणी की मूर्ति के साथ एक और सम्मान जुड़ गया है। बिहार सरकार ने चामर ग्राहिणी यक्षिणी के सम्मान में यक्षिणी की प्राप्ति तिथि 18 अक्टूबर को हर साल 'बिहार कला दिवस'...

    मोहम्मद गजनी ने देखा था ब्रह्मेश्वर नाथ का चमत्कार

    पटना: बिहार के भोजपुर- बक्सर जनपद के सीमा क्षेत्र में ब्रह्मपुर धाम से चर्चित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर...

    153 वर्ष का हुआ जिला गया

    गया - आज 153वें गया जिला स्थापना दिवस को काफी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह टॉवर चौक से रन फ़ॉर गया का फ्लैग ऑफ किया गया। रन फ़ॉर गया में कृषि...

    पटना की पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना

    पटना: पटना के सुलतानगंज थाना अंतर्गत अशोक राजपथ से गंगा के पर पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना है। इस मस्जिद को चिम्मी का भी मस्जिद कहा जाता है। इसका एक और...

    मंदिरों में शुमार बूढ़ानाथ में हुई शादी का रिश्ता रहता है अटूट

    भागलपुर - बूढ़ानाथ सिल्क सिटी भागलपुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है. यहाँ भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन मंदिर है. मंदिर का तीन सौ वर्ष पुराना गौरवशाली इतिहास है. त्रेता युग की कथा से...

    सरकारी उपेक्षा के कारण कन्दाहा का सूर्य मंदिर गुमनामी के कगार पर

    सहरसा- कोणार्क और देव सरीखा नहीं अगर शास्त्र को मानें तो इन दोनों से श्रेष्ठ सहरसा जिले के कन्दाहा ग्राम स्थित अति विशिष्ट सूर्य मंदिर आज सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल-झेल...