Wednesday, March 27, 2019

    History

    बिहार में गंगा का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, संकट में डॉल्फिन

    पटना: इस सच्चाई से किसी को गुरेज नहीं कि भारत में नदियों के नाम पर अब नाले बहते हैं। जीवनदायिनी गंगा भी इस त्रासदी की शिकार है। गंगा में निरंतर बढ़ते प्रदूषण से न...

    पटना का ईको पार्क प्राकृतिक हरियाली और कला का अनोखा संगम

    पटना: बिहार की राजधानी पटना में स्थित ईको पार्क पर्यटकों और यहां के लोगों के तफरीह के लिए पार्क में हरियाली और कला का अनोखा संगम देखने को मिलता है। पटना के दर्शनीय स्थलों...

    मोहम्मद गजनी ने देखा था ब्रह्मेश्वर नाथ का चमत्कार

    पटना: बिहार के भोजपुर- बक्सर जनपद के सीमा क्षेत्र में ब्रह्मपुर धाम से चर्चित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर...

    अब इको पार्क में नागपुरी झूले का उठाएं लुत्फ

    पटना: राजधानी पटना का इको पार्क जो पहले से ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। इस पार्क को और बेहतर बनाने के लिए नागपुरी झूला लगाया जा रहा है। जो पटना...

    कैमूर पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी मंदिर, भारत का सबसे पूराना मंदिर

    बिहार के कैमूर जिले के प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है। यह मंदिर 608 फीट ऊंची कैमूर पहाड़ी पर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मन्नत...

    पटना के व्हाइट पिलर हाउस को भी तो जरा जानें

    पटना में डच वास्तु शैली में निर्मित, स्तंभों वाला यह शोभ्र श्वेत मकान दीघा की बाटा फैक्ट्री के प्रबंधक का निवास था जिसे‘व्हाइट पिलर हाउस’ के नाम से प्रसिद्ध है। यह इमारत अपने विस्तृत...

    लोगों को आकर्षित करता पटना का खुदाबक़्श ओरियेन्टल लाइब्रेरी

    पटना: खुदाबक़्श ओरियेन्टल लाइब्रेरी भारत के सबसे प्राचीन पुस्तकालयों में से एक है। यह पुस्तकालय पटना के अशोक राजपथ पर स्थित है। यह राष्ट्रीय पुस्तकालय 1891 में स्थापित हुआ था। खुदाबक़्श पुस्तकालय की शुरुआत...

    मुगलों की यादगार, पटना का दिल्ली दरवाजा

    पटना: बिहार की राजधानी पटना के लोग शहर में पुराने इलाकों से पूरी तरह परिचित नहीं है कि पटना में पश्चिम दरवाजा और पुरब दरवाजा के अस्तित्व से तो भली भांति परिचित है, पर...

    तख्त श्री हरमंदिर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तख्त

    बिहार की राजधानी पटना और सिख इतिहास में पटना साहिब का खास महत्व है। सिखों के दसवें और अंतिम गुरू, गुरू गोबिंद सिंह जी का जन्म यहीं 22 दिसंबर 1666 में हुआ। सिखों के...

    हिमालय और गंगा नदी की तलहटी के बीच स्थित प्राचीन भारत में था “विदेह...

    अजय धारी सिंह दरभंगा- हिमालय और गंगा नदी की तलहटी के बीच स्थित प्राचीन भारत में था "विदेह राज्य"। जो अपने लोकप्रिय मिथिला राज्य के रूप में जाना जाता है। भारत और नेपाल-मिथिला...

    जन आंदोलन का जनक

    जयप्रकाश नारायण (जेपी) को आजादी के बाद जन आंदोलन का जनक माना जाता है। जेपी ने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लिया था। उन्होंने एक बार फिर क्रांति की मशाल अपने हाथ...

    390 साल पुराना है पादरी की हवेली !

    पटना - 390 साल पुराना है ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल पादरी की हवेली का इतिहास. 1628 में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा पटना स्थित पादरी की हवेली चर्च की स्थापना की गयी थी. मुगल...

    Supaul: Bhima Shankar Mahadeo

    Supaul was a part of Mithilanchal. It is believed that Mahatma Buddha resided in this region for one month. Lord Mahavir too had come across the area. King Gopal belonging to the Palwanshi dynasty...

    आध्यात्म और वास्तुकला का मिश्रित नमूना ‘महाबोधि मंदिर’

    पटना - विश्वस्तरीय विरासत के रूप में सम्मान पा रहा बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर आध्यात्म और वास्तुकला का मिश्रित और नायाब नमूना है. शरद ऋतु में बोधगया धर्मावलम्बियों की आस्था के विभिन्न रूप देखने...

    मौत से मोक्ष तक का सफ़र तय होता है यहाँ

    गया- गया के अन्तःसलिला फल्गु नदी के किनारे मौत और मोक्ष का है अनूठा संगम। इसी फल्गु नदी के किनारे श्मशान घाट है जँहा मुर्दे जलाए जाते हैं और पास में फल्गु नदी...