Tuesday, December 18, 2018

    History

    वैशाली के इतिहास में जुड़ेगा एक और सुनहरा अध्याय

    पटना: वैशाली के गौरवशाली इतिहास में जल्द ही एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश का पत्थर का दूसरा सबसे बड़ा स्तूप वैशाली में बनेगा। लगभग 76 एकड़ भूमि पर वैशाली में...

    100 साल का हो गया अंग्रेजों का बनवाया डाकघर

    पटना: शनिवार को पटना जीपीओ 100 साल का हो गया। अंग्रेजों ने नें जुलाई, 1917 को इसका निर्माण किया था। उस वक्त इसे बनवाने में में 2 लाख 67 हजार 667 रुपए खर्च हुए...

    आज भी सुरक्षित है सिन्हा लाइब्रेरी में भारतीय संविधान की प्रतिलिपि

    पटना भारतीय संविधान की प्रतिलिपि सिन्हा लाइब्रेरी में आज भी सुरक्षित है. हाथों से लिखी गयी संविधान की यह प्रतिलिपि दुर्लभ दस्तावेजों में से एक है, जिसे लाइब्रेरी ने काफी सहेज कर रखा है....

    क्यों कहते हैं कुँवर सिंह भी बड़ा वीर मर्दाना था

    पटना - "वीर भक्त का वही जाह्नवी को मानो नजराना था, सब कहते हैं कुँवर सिंह भी बड़ा वीर मर्दाना था" जगदीशपुर के राजमहल में एक वृद्ध युवक के दिल में अंग्रेज शासक के...

    Mahabodhi Temple: A great pilgrimages for Buddhists

    Jama Masjid: This is the biggest and most beautiful mosque in the state of Bihar. It is located at a distance of about 200 meters north of the Chowk Tower on Chowk Road. It follows...

    युवक का आत्म-बलिदान

    नमक आन्दोलन के साथ, बिहार में चौकीदारी टैक्स का विरोध, नशाबंदी और स्वदेशी आन्दोलन का काम भी किया जाता जाता था. 26 जनवरी 1930 को लाहौर में रावी नदी के किनारे कांग्रेस ने पूर्ण...

    इस ऐतिहासिक मंदिर में बिहार के सीएम नीतीश भी आते है भगवान का दर्शन...

    मोकामा: श्री गौरीशंकर बैकुण्‍ठधाम का ऐतिहासिक मंदिर, बिहार की राजधानी पटना से सटे बैकटपुर गांव में स्थित है। इस प्राचीन मंदिर की महिमा अतीत के कई युगों से जुड़ी हुई है। इस मंदिर की...

    स्वतंत्रता की पहली लड़ाईः एक 80 वर्षीय योद्धा की वीरता की कहानी

    80 वर्ष की हड्डियों में, जगा जोश पुराना था, सभी कहते हैं कुंवर सिंह, बड़ा वीर मरदाना था। पवन कु. सिन्हा और भुवन कुमार यह बात उस समय की है जब 1777 में भारत पर मुगलों का...

    रुठ गई गंगा, दूर भाग रही जल धारा

    पटना: अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरु कर दिया था। अभी मई- जून की भीषण गर्मी और सूरज की तपिश तो अभी बाकि है। पर इस चिलचिलाती धूप...

    पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा में 22 सौ साल पुरानी मूर्ति

    पटना - पटना संग्रहालय के पाटलिपुत्र दीर्घा की तरफ गैलरी में प्रथम विश्व का हथियार और लकड़ी के तलवार को सुरक्षित रखा गया है. प्रथम विश्वयुद्ध से पहले इस्तेमाल किये जाने वाले बन्दूक का...

    एक रूपये किराया से चलता था पटना कला शिल्प महाविद्यालय

    पटना - सूबे का एक मात्र कला एवं शिल्प महाविद्यालय का गौरव प्राप्त करने वाला पटना कला शिल्प महाविद्यालय का स्वर्णिम इतिहास रहा है. कला प्रशिक्षण के सबसे बड़े केंद्र के रूप में विद्यापति...

    दिलचस्प है चाय का इतिहास, वाह बिहार!

    असम और दार्जिलिंग की चाय के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन किशनगंज और कटिहार ब्रांड बिहार चाय है. बिहार में चाय की खेती सर्वप्रथम 1982 में किशनगंज जिले में आधा हेक्टेयर भूमि...

    भारतीयों से खुद को श्रेष्ठ मानते थे अंग्रेज

    पटना: 19वीं सदी तक पटना में रहने वाले अंग्रेजों की अच्छी खासी संख्या हो गई थी। अंग्रेज अधिकारी कभी-कभी अपने प्रतिदूंदिूयों को दिखलाने के लिए स्थानीय लोगों से मित्रता का स्वांग कर लेते थे।...

    आध्यात्म और वास्तुकला का मिश्रित नमूना ‘महाबोधि मंदिर’

    पटना - विश्वस्तरीय विरासत के रूप में सम्मान पा रहा बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर आध्यात्म और वास्तुकला का मिश्रित और नायाब नमूना है. शरद ऋतु में बोधगया धर्मावलम्बियों की आस्था के विभिन्न रूप देखने...

    Supaul: Bhima Shankar Mahadeo

    Supaul was a part of Mithilanchal. It is believed that Mahatma Buddha resided in this region for one month. Lord Mahavir too had come across the area. King Gopal belonging to the Palwanshi dynasty...