Saturday, September 22, 2018

    History

    यहां माता सीता ने किया था छठ व्रत!

    पटना: लोक आस्था का महापर्व छठ का बिहार में विशेष महत्व है। छठ से जुड़ी कई अनुश्रुतियां हैं और धार्मिक मान्यता भी है। इसे माता सीता व भगवान श्रीराम से जोड़ती है। कहा जाता...

    जोधारा सिंह की अंग्रेजों को चुनौती

    सन 1857 की क्रांति को मुख्य रूप से सैनिकों का विद्रोह माना जाता है. लेकिन ऐसे भी व्यक्ति थे, जिन्होंने खुलकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनता का नेतृत्व किया और उसी उद्देश्य से बाजाप्ता...

    पटना की मरियम मंजिल अपने अतित को बयां करती यह खूबसूरत इमारत

    पटना: राजधानी पटना की सड़कों से गुजरते हुए जिन इमारतों को देखते हुए हमारी पीढ़ी जवान हुई, वे एक-एक कर गायब होते जा रहे हैं। पटना में अब गिने-चुने इमारत ही बचे रह गए...

    बिहार में बदहाल क्रिकेट को संवारने में बीसीए को छूट रहे पसीने

    पटना: टी 20 वर्ल्ड कप अपने चरम पर पहुंच गया है। पूरा देश टी 20 वर्ल्ड कप के खुमार में पूरी तरह डूब गया है। और कामना कर रहे है कि यह टी-20 वर्ल्ड...

    बिहार स्कूल ऑफ योगा के बारे में जरा आप भी जानें

    पटना: बिहार की राजधानी पटना से 180 किमी दूरी पर गंगा के किनारे स्थित मुंगेर को पूरी दुनिया में योग नगरी के नाम जाता है। मुंगेर को प्रसिद्धि दिलाने वाले बिहार स्कूल ऑफ योगा...

    पटना के व्हाइट पिलर हाउस को भी तो जरा जानें

    पटना में डच वास्तु शैली में निर्मित, स्तंभों वाला यह शोभ्र श्वेत मकान दीघा की बाटा फैक्ट्री के प्रबंधक का निवास था जिसे‘व्हाइट पिलर हाउस’ के नाम से प्रसिद्ध है। यह इमारत अपने विस्तृत...

    बिहार के इस गांव में अर्ध्य देने से कुष्ठ रोग से मिलती है मुक्ति

    नवादा: लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर कई परंपरा और मान्यताएं है। उन्हीं परंपराओं और मान्यताओं के बीच बिहार के नवादा जिले में स्थित बड़गांव में भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की प्रथा...

    नालंदा महाविहार विश्व धरोहर में शामिल, नीतीश ने जाहिर की खुशी

    पटना: नालंदा महाविहार के भग्नावशेष' को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है। शुक्रवार की सुबह यूनेस्को की विश्व धरोहर चुनने वाली कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। विश्व के चार जगहों...

    पटना कलेक्ट्रेट कभी डच व्यापारियों का था गोदाम

    पटना - बिहार में 17वीं सदी में कारोबार के लिए आए डचों की निशानियाँ आज भी बिहार में है. पटना से लेकर छपरा तक डच व्यापारियों के गोदाम, उनके द्वारा बनाये गए शानदार वास्तुकला...

    युवक का आत्म-बलिदान

    नमक आन्दोलन के साथ, बिहार में चौकीदारी टैक्स का विरोध, नशाबंदी और स्वदेशी आन्दोलन का काम भी किया जाता जाता था. 26 जनवरी 1930 को लाहौर में रावी नदी के किनारे कांग्रेस ने पूर्ण...

    अदालतों का बहिष्कार

    पटना - सरकारी उपाधियों और खिताबों को छोड़ना, सरकारी शिक्षा-संस्थाओं, कौंसिल और सरकारी अदालतों का बहिष्कार करना, 1920 में चलाए गए असहयोग आंदोलन के प्रमुख उद्देश्य थे। अंग्रेज सरकार के समर्थकों को सरकार राय...