Wednesday, January 23, 2019

    History

    Vishwa Shanti Stupa on Ratnagiri hill

    Jivaka Ambavana or Jivakarama Vihara: Jivaka was the royal physician of Magadha’s powerful rulers Bimbisara and Ajatashatru. Buddhist text narrate tales of his surgical skill. He had cured Bimbisara of many ailments. He was devoted follower...

    4000 साल पुराना सूर्य मंदिर

    आज के वैज्ञानिक युग में भी छठ को प्रकृति पूजा का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण समझा जाता है। एक अत्यंत प्राचीन सूर्य मंदिर बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के हंडिया में स्थित है। यहां...

    कन्दाहा का गुमनाम सूर्य मंदिर

    सहरसा: कोणार्क और देव सरीखा नहीं अगर शास्त्र को मानें तो इन दोनों से श्रेष्ठ बिहार के सहरसा जिले के कन्दाहा ग्राम स्थित अति विशिष्ट सूर्य मंदिर आज सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का...

    तो क्या इस गांव की रक्षा करते है चमगादड़!

    वैशाली: क्या चमगादड़ किसी की रक्षा कर सकते हैं? यकीन नहीं हो तो बिहार के इस गांव चले जाइए। यहां के लोगों का विश्वास है कि एक खास जगह हरने वाले चमगादड़ उनकी रक्षा...

    Mithila Memories

    Mithila takes its name from Mithi, a famous king of ancient Videha as the region was then known. If one goes by the folklores doing the rounds in various places of Mithila discussed in...

    Lakhisarai: A temple dedicated to Mahadeo

    Lakhisarai: Sringirikh (Lakhisarai district) Sringirikh peak, part of the Kharagpur group of hills, in Lakhisarai district is associated with Shringa sage of the Ramayana. Legend has it that a sacrificial yajna was conducted here...

    भारतीयों से खुद को श्रेष्ठ मानते थे अंग्रेज

    पटना: 19वीं सदी तक पटना में रहने वाले अंग्रेजों की अच्छी खासी संख्या हो गई थी। अंग्रेज अधिकारी कभी-कभी अपने प्रतिदूंदिूयों को दिखलाने के लिए स्थानीय लोगों से मित्रता का स्वांग कर लेते थे।...

    पटना में 1621 में हुआ था पहला क्रिसमस मिलन

    राजधानी मे पहली बार 1621 में क्रिसमस मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। उसी समय से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार प्रदेश मे प्रारंभ हुआ लेकिन मात्र एक वर्ष में ही मिशन के लोगो...

    बिहार में गंगा का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, संकट में डॉल्फिन

    पटना: इस सच्चाई से किसी को गुरेज नहीं कि भारत में नदियों के नाम पर अब नाले बहते हैं। जीवनदायिनी गंगा भी इस त्रासदी की शिकार है। गंगा में निरंतर बढ़ते प्रदूषण से न...

    THE STORY BEHIND THE ORIGIN OF ARA TOWN

    BHOJPUR Ara, the present headquarters of the district derives its name from the Sanskrit word ‘Aranya’, which means forest. The name also appears to have come from the Prakrit word ‘arraha’, meaning ‘the saints’. Jain...

    कहीं बाघों का वजूद तस्वीरों तक सिमटकर न रह जाए

    बिहार सरकार पर्यटकों को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश करती आ रही है। बिहार का एक मात्र टाईगर रिजर्व को टाइगर टूरिज्म को विकसित करने का निर्णय लिया था। लेकिन वाल्मीकि नगर टाइगर प्रोजेक्ट...

    100 साल का हो गया अंग्रेजों का बनवाया डाकघर

    पटना: शनिवार को पटना जीपीओ 100 साल का हो गया। अंग्रेजों ने नें जुलाई, 1917 को इसका निर्माण किया था। उस वक्त इसे बनवाने में में 2 लाख 67 हजार 667 रुपए खर्च हुए...

    क्रान्तिकारी ठाकुर रोशन सिंह के जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि

    सुप्रिया सिन्हा पटना- ठाकुर रोशन सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारी थे। ठाकुर सिंह ने काकोरी कांड में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया था फिर भी उनके रौबीले व्यक्तित्व को देखते हुए...

    कैमूर पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी मंदिर, भारत का सबसे पूराना मंदिर

    बिहार के कैमूर जिले के प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है। यह मंदिर 608 फीट ऊंची कैमूर पहाड़ी पर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मन्नत...

    तीर्थयात्री अब चांदी से चमचमाते विष्णुपद मन्दिर के दरवाजे से करेंगे प्रवेश

    पटना: राजधानी पटना से 100 किमी दूर स्थित गया हिन्दुओं के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों में से एक है क्योंकि यहाँ पर विष्णुपद मन्दिर का आशीष है। अब इस मंदिर के प्रवेश दूार पर...