Sunday, July 21, 2019

    History

    तो गया में तिलकुट की शुरूआत डेढ़ सौ साल पहले गोपी साव नामक हलवाई...

    गया - मकर संक्रांति को लेकर गया का तिलकुट व्यवसाय इन दिनों अपने पूरे परवान पर है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे देश में मनायी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन...

    390 साल पुराना है पादरी की हवेली !

    पटना - 390 साल पुराना है ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल पादरी की हवेली का इतिहास. 1628 में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा पटना स्थित पादरी की हवेली चर्च की स्थापना की गयी थी. मुगल...

    153 वर्ष का हुआ जिला गया

    गया - आज 153वें गया जिला स्थापना दिवस को काफी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह टॉवर चौक से रन फ़ॉर गया का फ्लैग ऑफ किया गया। रन फ़ॉर गया में कृषि...

    सुपौल के इस मंदिर में भीम ने की थी भोलेनाथ की पूजा

    बिहार के सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सांस्कृतिक रुप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल...

    मंदिरों में शुमार बूढ़ानाथ में हुई शादी का रिश्ता रहता है अटूट

    भागलपुर - बूढ़ानाथ सिल्क सिटी भागलपुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है. यहाँ भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन मंदिर है. मंदिर का तीन सौ वर्ष पुराना गौरवशाली इतिहास है. त्रेता युग की कथा से...

    सरकारी उपेक्षा के कारण कन्दाहा का सूर्य मंदिर गुमनामी के कगार पर

    सहरसा- कोणार्क और देव सरीखा नहीं अगर शास्त्र को मानें तो इन दोनों से श्रेष्ठ सहरसा जिले के कन्दाहा ग्राम स्थित अति विशिष्ट सूर्य मंदिर आज सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल-झेल...

    पटना में जन्मे शेख दीन मोहम्मद ने इंग्लैंड में खोला था पहला भारतीय रेस्तरां

    पटना - पटना के शेख दीन मोहम्मद एक सहायक सर्जन, यात्री, लेखक और रेस्तरां संचालक थे. उनका जन्म 15 जनवरी, 1759 को पटना में हुआ था. 1794 में 15 जनवरी को ही उनकी अंग्रेजी...

    बटेश्वर मंदिर में भादो पूर्णिमा पर लगता है मेला

    भागलपुर - कहलगांव में बटेश्वर मेला की धूम रहती है. यहाँ भादो पूर्णिमा पर मेला का आयोजन होता है. प्रसिद्ध व प्राचीन शैव स्थल बटेश्वर स्थान में उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान करने तथा बाबा...

    नेपाली मंदिर बिहार का खजुराहो

    भारतीय समाज में अनादि काल से सामाजिक प्रकाश स्तंभ की भांति मंदिरों का अस्तित्व विद्यमान रहा है। बिहार के हाजीपुर में कौनहारा घाट पर बना नेपाली मंदिर काष्ठ कला का अदभूत नमूना है। पटना-मुजफ्फरपुर...

    Dr Rajendra Prasad’s speech on August 14 in Parliament

    CONSTITUENT ASSEMBLY OF INDIA - Volume-V Thursday, the 14th August 1947 The Fifth Session of the Constituent Assembly of India commenced In the Constitution Hall, New Delhi, at Eleven P.M, Mr. President (The Honourable Dr. Rajendra...

    नवपाषाण काल का साइट चिरांद की स्थिति गंभीर

    सारण: इस बार बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से काफी कटाव हुआ है। जिससे चिरांद के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के दौरान जल संसाधन विभाग की टीम ने इस...

    सरोजिनी नायडू से शुरू हुआ बिहार आकर सियासत में किस्मत चमकाने का सिलसिला

    पटना - सियासत में बिहार आकर किस्मत आजमाने का सिलसिला सरोजिनी नायडू से शुरू होता है. आजादी से पहले 1946 में संविधान सभा के लिए उन्हें बिहार से ही सदस्य चुना गया था. हैदराबाद...

    भारत छोड़ो आंदोलन और बिहार

    अंग्रेजों की क्रूर दमन नीति के कारण राष्ट्रीय भावना उग्रतर होती गई. सारे हिन्दुस्तानियों की नसों में क्रान्ति का रक्त दौड़ उठा. 7 अगस्त, 1942 को कांग्रेस के बम्बई अधिवेशन में "अंग्रेजों भारत छोड़ो"...

    अब इस मंदिर में नहीं दी जाएगी भैंसों की बलि

    बांका: बिहार के बांका जिले में स्थित तेलडीहा दुर्गा मंदिर पशु बलि के लिए प्रसिद्ध है। लगभग चार सौ साल पुरानी यह मंदिर बांका और मुंगेर जिले की सीमा पर और बडुआ नदी किनारे...

    एक रूपये किराया से चलता था पटना कला शिल्प महाविद्यालय

    पटना - सूबे का एक मात्र कला एवं शिल्प महाविद्यालय का गौरव प्राप्त करने वाला पटना कला शिल्प महाविद्यालय का स्वर्णिम इतिहास रहा है. कला प्रशिक्षण के सबसे बड़े केंद्र के रूप में विद्यापति...