Sunday, July 21, 2019

    History

    पटना में 1621 में हुआ था पहला क्रिसमस मिलन

    राजधानी मे पहली बार 1621 में क्रिसमस मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। उसी समय से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार प्रदेश मे प्रारंभ हुआ लेकिन मात्र एक वर्ष में ही मिशन के लोगो...

    ‘मनियार मठान’ था मनेरशरीफ का प्रारंभिक नाम !

    पटना - बिहार के प्रमुख मजारों में शुमार मनेरशरीफ दरगाह किसी तीर्थ स्थान से कम नहीं है. उर्स के मेले के अलावे यहाँ पर सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. यहाँ पर...

    पटना का ईको पार्क प्राकृतिक हरियाली और कला का अनोखा संगम

    पटना: बिहार की राजधानी पटना में स्थित ईको पार्क पर्यटकों और यहां के लोगों के तफरीह के लिए पार्क में हरियाली और कला का अनोखा संगम देखने को मिलता है। पटना के दर्शनीय स्थलों...

    पटना की पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना

    पटना: पटना के सुलतानगंज थाना अंतर्गत अशोक राजपथ से गंगा के पर पत्थर की मस्जिद इंडो-इस्लामिक कला का बेजोड़ नमुना है। इस मस्जिद को चिम्मी का भी मस्जिद कहा जाता है। इसका एक और...

    सिक्के बताएंगे अगमकुंआ का इतिहास

    अगमकुंआ के सिक्कों को बाहर निकालकर यहां के इतिहास को खंगाला जाएगा। हालांकि दो बार पहले भी प्रयास हो चुके हैं, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। इसलिए पुरातत्व निदेशालय, बिहार सरकार एक नई योजना...

    मैथली कंठ महाकाव्य के रूप में अमरगाथ ; राजा सलहेस

    पटना- मिथला पहला राज्य है जो पूर्वी भारत में स्थापित हुआ और आज बिहार का हिस्सा है. राज्य के उत्तर में स्थित है. एक समय हिमालय कि तलहटी से लेकर गंगा के दाहिने भाग...

    उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही चैती छठ संपन्न

    पटना: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ के पावन अवसर पर बुधवार को सुबह उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के चौथे दिन सूर्य...

    महानायक वीर कुंवर सिंह कभी करते थे इस तलाब में स्नान !

    पटना: 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की जन्मस्थली भोजपुर के जगदीशपुर में उनके बचे धरोहर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कुंवर सिंह का किला को आजादी के...

    एक रूपये किराया से चलता था पटना कला शिल्प महाविद्यालय

    पटना - सूबे का एक मात्र कला एवं शिल्प महाविद्यालय का गौरव प्राप्त करने वाला पटना कला शिल्प महाविद्यालय का स्वर्णिम इतिहास रहा है. कला प्रशिक्षण के सबसे बड़े केंद्र के रूप में विद्यापति...

    मौत से मोक्ष तक का सफ़र तय होता है यहाँ

    गया- गया के अन्तःसलिला फल्गु नदी के किनारे मौत और मोक्ष का है अनूठा संगम। इसी फल्गु नदी के किनारे श्मशान घाट है जँहा मुर्दे जलाए जाते हैं और पास में फल्गु नदी...

    जब गांधी को बिहारियों के दर्द ने झकझोरा..

    पटना: महात्मा गांधी एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही सत्य और अहिंसा का स्मरण होता है। एक ऐसा व्यक्तित्व जिन्होंने किसी दूसरे को सलाह देने से पहले उसका प्रयोग स्वंय पर किया। जिन्होंने बड़ी...

    सरोजिनी नायडू से शुरू हुआ बिहार आकर सियासत में किस्मत चमकाने का सिलसिला

    पटना - सियासत में बिहार आकर किस्मत आजमाने का सिलसिला सरोजिनी नायडू से शुरू होता है. आजादी से पहले 1946 में संविधान सभा के लिए उन्हें बिहार से ही सदस्य चुना गया था. हैदराबाद...

    पटना के मगध महिला महाविद्यालय में मिला 2000 वर्ष प्राचीन कुआँ

    पटना के अशोक राजपथ पर गाँधी मैदान के निकट स्थित मगध महिला महाविद्यालय में खुदाई के दौरान मिला जो दो हजार वर्ष पुराना है। चक्र कूप या रिंग वेल तकनीक पर यह कुआँ बना...

    जरा याद करो कुर्बानी

    जिन्होंने पूरे देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी आज उनके स्मारक के लिए थोड़ी सी जमीन तक नहीं है। १९४२ में शहीद हुए सात वीर जवानों में से एक शहीद...

    मां ज्वालामुखी की महिमा अपरम्पार

    बिहार के दरभंगा जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर कसरौरा में मां ज्वालामुखी मंदिर स्थित है। इस मंदिर की महिमा अपरम्पार है। यहां के ग्रामीणों के मुताबिक सैकड़ों साल पहले हिमाचल प्रदेश के...