Wednesday, April 24, 2019

    History

    104 साल का हुआ बिहार, विकास दर देश से आगे

    पटना: ब्रिटिश हुकूमत ने 22 मार्च, 1912 को बंगाल प्रेसीडेंसी से बिहार को अलग कर दिया था। बिहार के इस गौरवमयी ऐतिहासकि क्षण को यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2010...

    पटना में 1621 में हुआ था पहला क्रिसमस मिलन

    राजधानी मे पहली बार 1621 में क्रिसमस मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। उसी समय से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार प्रदेश मे प्रारंभ हुआ लेकिन मात्र एक वर्ष में ही मिशन के लोगो...

    उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही चैती छठ संपन्न

    पटना: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ के पावन अवसर पर बुधवार को सुबह उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के चौथे दिन सूर्य...

    पटना की सबसे पुरानी मस्जिद बेगू हज्जाम की मस्जिद

    पटना: बेगू हज्जाम की मस्जिद 1489 में बंगाल के सुल्तान अलाउद्दीन शाह के शासन काल में खान मुअज्जम नाजिर खान ने बनवाया था। इसे पटना की सबसे पुरानी मस्जिद कहा जाता है। बाद में...

    Bhagalpur: Ancient Anga’s heart

    Bhagalpur, the ancient Anga’s heart siruated in the plains of the Ganga basin, is one of the oldest districts of Bihar. Steeped in history and mythology, it was a popular destination in medieval India. In...

    बिहार की शान केसरिया बौद्ध स्तूप, जिन्हें देखकर करेंगे गर्व

    राजधानी पटना से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित है ऐतिहासिक स्थल केसरिया। जहां पर एक वृहत बौद्धकालीन स्तूप है। जो शताब्दियों से मिट्टी से ढका था। इस स्तूप के संबंध में चीनी यात्री ह्वेनसांग...

    दानापुर गणेश मेले में जुटते हैं श्रद्धालु

    पटना - भगवान गणेश, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. इनकी पूजा भी बिहार के विभिन्न हिस्सों में भव्य तरीके से होती है. कई हिस्सों में भादो पूर्णिमा के दिन गणेश मेला का आयोजन...

    Madhepura: Singheshwar temple is one of the religious place

    The city of Madhepura is situated in the district of Bihar. The city is also administrative headquarter of district of Madhepura. Formerly this city was part of the district of Saharsa till it got...

    बिहार में गंगा का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, संकट में डॉल्फिन

    पटना: इस सच्चाई से किसी को गुरेज नहीं कि भारत में नदियों के नाम पर अब नाले बहते हैं। जीवनदायिनी गंगा भी इस त्रासदी की शिकार है। गंगा में निरंतर बढ़ते प्रदूषण से न...

    पटना के महावीर मंदिर को भी जरा जानें !

    बिहार की राजधानी पटना में हिन्दुओं का आस्था का सबसे बडा केंद्र महावीर मंदिर है। यह पटना जंक्शन के निकट स्थित है। इस मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते है। खासकर हुमानजी की...

    बिहार: एक परिचय

    बिहार के सन्दर्भ में प्रथम जानकारी हमें “शतपथ ब्राह्मण” से मिलती है, जिसमें माधव विदेह नामक एक राजा का उल्लेख है जिसने मिथला के गौरवशाली साम्राज्य की आधारशिला रखी। बिहार की प्राचीनता इसके नाम से...

    चरमपोश की मजार पर दूर-दूर से अकीदतमंद आकर अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाते हैं

    पटना - बिहारशरीफ के अम्बेर शेखाना मुहल्ला में हजरत मखूदम सैयद सुल्तान अहदम चरमपोश के मजार पर दूर-दूर से अकीदतमंद आकर अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाते हैं. हजरत मखूदम चरमपोश का वफात (इंतकाल) लगभग...

    दरभंगा राज का जलवा, अंग्रेज मानते थे लोहा

    उत्तरी बिहार में बागमती नदी के किनारे बसा दरभंगा जो जिला एवं प्रमंडलीय मुख्यालय है। दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत तीन जिले दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर आते है। दरभंगा के उत्तर में मधुबनी, दक्षिण में...

    बौंसी का यह पहाड़ आज भी बयां कर रहा समुद्र मंथन की कहानी

    बांका: बिहार के बांका जिले के ब्रह्मपुर पंचायत में बौंसी नामक एक स्थान है। जो प्रसिद्ध मंदार पर्वत की तराई में अस्थित है। मंदार का मतलब ही स्वर्ग होता है। अरबों साल पहले पुराणों...

    कैमूर पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी मंदिर, भारत का सबसे पूराना मंदिर

    बिहार के कैमूर जिले के प्रसिद्ध मुंडेश्वरी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है। यह मंदिर 608 फीट ऊंची कैमूर पहाड़ी पर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मन्नत...