Thursday, September 20, 2018

    History

    Kusheshwar Asthaan: An important pilgrimage centre

    Samastipur: Haji Samsuddin Ilyas Khan founded the town of Samastipur. Kusheshwar Asthaan: An important pilgrimage centre, this Lord Shiva shrine draws worshippers throughout the year. This temple, situated about 16 km east of Singhia and 22...

    Chhaprar famous for temple of Lord Mahadeva

    Chhaprar: Situated in Bahadurpur block, this village is famous for its temple of Lord Mahadeva on the bank of the Kamla River around which fairs are held on the occasion of Kartik and Maghi...

    बिहार की शान केसरिया बौद्ध स्तूप, जिन्हें देखकर करेंगे गर्व

    राजधानी पटना से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित है ऐतिहासिक स्थल केसरिया। जहां पर एक वृहत बौद्धकालीन स्तूप है। जो शताब्दियों से मिट्टी से ढका था। इस स्तूप के संबंध में चीनी यात्री ह्वेनसांग...

    अब भगवान बुद्ध से जुड़ी घोषीकुंडी पहाड़ी होगी संरक्षित

    लखीसराय: भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेषों को गर्भ में छुपाए घोषीकुंडी पहाड़ी संरक्षित की जाएगी। पहाड़ी का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) की टीम ने सोमवार को निरीक्षण किया और अधिकारी यहां से स्तूपनुमा दिख रहे...

    Darbhanga: The City of Lakes

    Darbhanga, home to the Khandavala dynasty which was the largest and richest zamindar in India at par, in pomp and public service, with the contemporary princely states, is a city dotted with palaces and...

    सुपौल के इस मंदिर में भीम ने की थी भोलेनाथ की पूजा

    बिहार के सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सांस्कृतिक रुप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल...

    Mithila Memories

    Mithila takes its name from Mithi, a famous king of ancient Videha as the region was then known. If one goes by the folklores doing the rounds in various places of Mithila discussed in...

    Uchaith Siddhpith: Great poet Kalidasa gets blessings from Maa Kali

    Uchaith: Kalidas’ seat of learning   A binding tale makes Mithila’s fame as a land of scholars legendary. Mithila’s famed intellectual reputation gets a romantic tinge with Kalidas, the legendary poet who persevered to fain...

    नष्ट होने के कगार पर हैं यहां के धरोहर

    यह है उरांव और चेरो राजाओं की धरोहर पटना और निंदौरगढ़। (25॰3’20’’ उत्तरी अक्षाश और 83॰22’5’’ पूर्वी देशांतर) यह बिहार के कैमूर जिले के चांद प्रखंड में स्थित है और पटनवाँ-निन्दौर गढ़ के नाम...

    Best places to visit Nawada

    Aphsad: Aphsad is situated about 12 km north of Warsaliganj (a b;pcl om Mawada dist.). the site is famous for the remains of a Vishnu temple and a colossal Varaha (incarnation of Vishnu) image, similar...

    Sheikhpura: Bihar’s mini Tirupati temple

    Sheikhpura: A large idol of Lord Vishnu was discovered at Samas village of Sheikhpura district in 1992, and the Bihar State Board of Religious Trusts has urged the state government to construct a mini...

    बौंसी का यह पहाड़ आज भी बयां कर रहा समुद्र मंथन की कहानी

    बांका: बिहार के बांका जिले के ब्रह्मपुर पंचायत में बौंसी नामक एक स्थान है। जो प्रसिद्ध मंदार पर्वत की तराई में अस्थित है। मंदार का मतलब ही स्वर्ग होता है। अरबों साल पहले पुराणों...

    तो क्या इस गांव की रक्षा करते है चमगादड़!

    वैशाली: क्या चमगादड़ किसी की रक्षा कर सकते हैं? यकीन नहीं हो तो बिहार के इस गांव चले जाइए। यहां के लोगों का विश्वास है कि एक खास जगह हरने वाले चमगादड़ उनकी रक्षा...

    मां ज्वालामुखी की महिमा अपरम्पार

    बिहार के दरभंगा जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर कसरौरा में मां ज्वालामुखी मंदिर स्थित है। इस मंदिर की महिमा अपरम्पार है। यहां के ग्रामीणों के मुताबिक सैकड़ों साल पहले हिमाचल प्रदेश के...

    GURU GOBIND SINGH — virtue to victory 

    Guru Gobind Singh occupies an unparalleled position in history. He was barely nine years old,when his father decided to lay down his life for the protection of Tilak and Janju. The 9th Guru was tortured...