चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर हमारा उद्देश्य शो केसिंग करना नहीं है बल्कि गांधीजी के विचारों को लोगों के जेहन में पहुंचाना है: मुख्यमंत्री

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पटना, 03 फरवरी 2017: (Patna News) मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘विमर्श’ में चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की और चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों के प्रस्तावित रूप-रेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

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बैठक में गांधीवादी चिन्तकों एवं विचारकों का राष्ट्रीय विमर्श, गांधी जी से संबंधित हेरिटेज वाक, पूर्वी चम्पारण एवं पश्चिमी चम्पारण में सरकार के सात निश्चयों का प्राथमिकता के आधार पर कार्यान्वयन, फिल्म डाॅक्यूमेंट्री का निर्माण, सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण-संस्थानों में इसके प्रदर्शन एवं संगोष्ठी आदि के आयोजन, छात्र-छात्राओं के बीच प्रखण्ड से लेकर राज्य स्तर तक गांधीजी के विषयों पर भाषण, लेख, कविता, लेखन, पेंटिंग, चम्पारण सत्याग्रह से संबंधित शोध पुस्तक, राजकुमार शुक्ल, पीर मोहम्मद मुनिस एवं बत्तख मियां पर पुस्तक का विमोचन, गांधीजी पर आधारित काॅफी टेबुल का विमोचन, राष्ट्रीय विमर्श के भाषण-लेखों की किताब का विमोचन, गांधीजी के संदेश के साथ घर-घर दस्तक देने, गांधीजी पर आधारित पपेट शो, विद्यालयों में गांधी कथावाचन, खादी, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति, स्वयं सहायता समूह इत्यादि से संबंधित कार्यक्रम, गांधीजी के संदेश, फिल्म आदि के साथ पूरे बिहार में रथ के माध्यम से निकाले जाने, विजुअल आर्ट्स के विख्यात कलाकारों के द्वारा कलाकृति के निर्माण एवं प्रदर्शनी एवं गांधीजी से संबंधित फिल्म फेस्टिवल एवं अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और मुख्यमंत्री ने आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर हमारा उद्देश्य शो केसिंग करना नहीं है बल्कि गांधीजी के विचारों को लोगों के जेहन में पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हर स्कूली छात्र-छात्राओं को गांधीजी के विचारों की बुनियादी जानकारी होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि गांधीजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से संबंधित मौलिक बातें फोल्डर एवं लिफलेट के माध्यम से प्रचारित होनी चाहिये। पपेट शो के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जन चेतना फैलाने के लिये हर गांव में इसे दिखाने की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि आॅडियो- विडियो से गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी बसावटों में गांधीजी के विचारों को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हम गांधीजी के विचारों को प्रमोट करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार दिवस गांधीजी को समर्पित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय विमर्श से संबंधित प्रस्तावित कार्यक्रम प्रभावकारी होना चाहिये। बैठक में अन्य आधारभूत संरचना, शताब्दी वर्ष के ‘लोगो’ तथा अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी एवं चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष को शानदार एवं यादगार रूप से मनाने हेतु विस्तृत विचार-विमर्ष किया गया। शताब्दी समारोह अप्रैल 2017 से प्रारंभ होकर अप्रैल 2018 तक चलेगा।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री अशोक चौधरी, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त श्री शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव शिक्षा श्री आर0के0 महाजन, प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास श्री चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव भवन निर्माण श्री अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क श्री ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, प्रधान सचिव पर्यटन श्रीमती हरजोत कौर, सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविंद चैधरी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, सचिव गांधी संग्रहालय डाॅ0 रजी अहमद, जगजीवन राम शोध संस्थान के निदेशक श्री श्रीकांत एवं कई गाॅधीवादी विचारक तथा चिन्तक सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर बैठक में आये गांधीवादी विचारकों एवं चिन्तकों ने मुख्यमंत्री को गांधीजी पर आधारित पुस्तक एवं प्रतीक चिह्न के रूप में चरखा भेंट किया।