मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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पटना, 04 सितम्बर 2017: आज 1 अणे मार्ग स्थित लोक संवाद में लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, उद्योग, गन्ना उद्योग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, सूचना प्रावैधिकी एवं पर्यटन विभाग से संबंधित मामलों पर छह लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में कैमूर सेे श्री शेखर प्रताप सिंह, छपरा से श्री उमेष चन्द्र गुप्ता, मधुबनी से श्री नेमी कुमार, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी से श्री चंदन कुमार, पटना से श्री रंजीत रंजन एवं मुजफ्फरपुर से श्री अषोक भारती ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिये। प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया। लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देषित किया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी0 के0 ठाकुर, प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में जदयू के शामिल नहीं होने से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुये कहा कि ये तो मीडिया के द्वारा चर्चा में लाया गया था। उन्होंने कहा कि जदयू हाल ही में एन0डी0ए0 में शामिल हुयी है। इस विषय पर न तो गौर किया गया था और न ही मन में इच्छा थी और न ही अपेक्षा रही। उन्होंने कहा कि इसकी कोई बात ही नहीं थी। यह मीडिया का अपना स्पेक्यूलेशन था, जिसमें कोई दम नहीं था। जदयू को अकारण चर्चा में लाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बहुत स्पष्ट तौर पर बताना चाहते हैं कि बिहार के जो हालात थे, उस हालात पर पूरा बिहार एवं देश का मीडिया लालू प्रसाद यादव से ज्यादा हमसे प्रश्न कर रहा था। उन्होंने कहा कि हम भ्रष्टाचार की जीरो टाॅलरेंस की नीति पर कायम हैं और भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि बिहार के हित में उन्होंने एन0डी0ए0 के साथ सरकार बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इसी लोक संवाद में जदयू विधानमण्डल दल की बैठक चल रही थी और हमने बैठक में कहा कि अब राजद के साथ सरकार चलाना मेरे लिये संभव नहीं है। बैठक में सभी ने पूर्ण समर्थन दिया। उसके बाद हमने इस्तीफा दिया। इस्तीफा के बाद भाजपा की ओर से प्रस्ताव आया। प्रस्ताव आने पर इसी लोक संवाद कक्ष में संयुक्त बैठक हुयी और फिर नई सरकार बनी और फिर नई मंत्रिमण्डल का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि बिहार के हित में विकास की गाड़ी बढ़ाने में वे सक्रिय हो गये। इस बीच अभूतपूर्व बाढ़ आयी, लोगों की कठिनाई को कम करने के लिये हम पहले दिन से प्रयत्नषील हैं। उन्होंने कहा कि हम पर तरह-तरह का अपमानजनक एवं कटू शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है किन्तु इसके बावजूद हम बिहार के हित में काम कर रहे हैं क्योंकि हमारा कमिटमेंट है न्याय के साथ विकास। उन्होेंने फिर दुहराया कि अकारण मंत्रिमण्डल के विस्तार में जदयू को चर्चा में लाया गया। इस अकारण चर्चा में लाने के कारण आप लोगों के डार्लिंग नेता को मौका मिला किन्तु उन्हें बिहार की जनता सीरियसली नहीं लेती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग अपने काम में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा पर्व बकरीद पर अफवाह फैलाने की कोशीश की गयी किन्तु पूरे सद्भाव के साथ बिहार में यह पर्व सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि कानून का राज, भ्रष्टाचार मुक्त समाज और न्याय के साथ सबका विकास हमलोगों की प्राथमिकता है। हम गांधी जी, लोहिया और जे0पी0 के अनुयायी हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि अकारण किसी बात की चर्चा नहीं कीजिये। मेरी पार्टी के बारे में अगर कोई बात हो तो सीधे पूछ लीजिये। हम छिपाते नहीं हैं, मेरे काम करने का तरीका पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि इस बार जदयू को लेकर मीडिया का अनुमान फेल हो गया। उन्होंने कहा कि मेरा कमिटमेंट बिहार के लोगों के प्रति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अप्रत्याशित बाढ़ आयी है, उसका नुकसान फ्लैश फ्लड की तरह है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले रेसक्यू आॅपरेशन चलाया गया, फिर फूड पैकेट का एयर ड्राॅपिंग कराया गया। उसके पश्चात राहत शिविर चलाये गये, अब आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से हर पीड़ित परिवार को छह हजार रूपये की राषि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल तक 4,92,000 परिवारों को आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। पानी निकल जाता है तो फसल क्षति का आकलन होता है, इसके अतिरिक्त घर की क्षति के लिये भी अलग से प्रावधान बने हुये हैं। गृह क्षति और फसल क्षति के मद्देनजर इनपुट सबसिडी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सड़क और बाँध को पुनर्स्थापित करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। रेस्टोरेशन के काम में आर्मी की भी मदद ली गयी। उन्होंने कहा कि दो हजार करोड़ रूपये राज्य के खजाने से आपदा प्रबंधन विभाग को दिया गया। राहत एवं पुनर्वास के लिये अरबों रूपये की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से अपेक्षा है कि जो नुकसान हुआ है, उसकी सहायता राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया, समीक्षा बैठक की और तत्काल पांच सौ करोड़ रूपये देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह तत्काल मदद है न कि अंतिम। उन्होंने कहा कि कुदरत पर किसी का नियंत्रण नहीं है किन्तु लोगों के कष्ट को कम करने के लिये जो भी संभव है, हम सब मिलकर प्रयत्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना घबराये दृढ़ता के साथ काम कर रहे हैं और लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।

सृजन घोटाला के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 अगस्त की रात्रि में मुझे मेरे कार्यालय के अधिकारियों ने इसके बारे में संक्षिप्त सूचना दी। 9 तारीख को ही मैंने इसे पब्लिक डोमेन में लाया। इसके बाद हमने इसकी पूरी समीक्षा की और सी0बी0आई0 जांच करने की अनुशंसा की। सी0बी0आई0 जांच पर सबको भरोसा होना चाहिये। जिनको सी0बी0आई0 जांच पर भरोसा नहीं हैं, वे कोर्ट में जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी पैसा फर्जी तरीके से किसी और एकाउंट में ट्रांसफर कर सरकारी राशि का दुरूपयोग किया गया है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि यदि इस घोटाले के बारे में किसी के विरूद्ध कोई जानकारी हो तो उससे संबंधित दस्तावेज सी0बी0आई0 को जरूर सौंप दें। उन्होंने कहा कि संस्थागत इंतजाम ऐसा रहना चाहिये कि इस तरह के सरकारी राशि का दुरूपयोग न हो सके और इन सब विषयों पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी होनी चाहिये कि भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक बिहार के विकास की बात है, प्रधानमंत्री से हमारी बातचीत हुई है। हमने हर विभाग की अलग-अलग समीक्षा की है। केन्द्र से क्या सहयोग चाहिये, इस विषय पर भी समीक्षा हुयी है। शीघ्र ही हमलोग प्रधानमंत्री के पास जाकर इस संबंध में चर्चा करेंगे और मुझे विशवास है कि केन्द्र से अपेक्षित सहयोग मिलेगा और बिहार में दू्रत गति से न्याय के साथ विकास होगा।

राजद की रैली के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तो पारिवारिक उत्सव अर्थात फैमिली फंक्षण था। उन्होंने कहा कि 80 में से कितने विधायकों को मंच पर जगह मिली, यह आप सबको मालूम है। उन्होंने कहा कि रैली में भीड़ का फोटोशौप भी देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का पूरा ध्यान बिहार के प्रति किये गये कमिटमेंट पर है।