दानापुर गणेश मेले में जुटते हैं श्रद्धालु

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पटना – भगवान गणेश, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. इनकी पूजा भी बिहार के विभिन्न हिस्सों में भव्य तरीके से होती है. कई हिस्सों में भादो पूर्णिमा के दिन गणेश मेला का आयोजन होता है, तो कई स्थानों पर गणेश चतुर्थी पर भी मेला का आयोजन होता है. दानापुर का गणेश मेला काफी पुराना है. दानापुर के पेठिया बाजार में 10 दिनों तक मेला चलता है. इस मौके पर गणेश महोत्सव का भी आयोजन होता है. गणेश की भव्य प्रतिमा के पट भक्तों के दर्शन के लिए खुल जाता है. यह मेला काफी पुराना है. मेला को लेकर लाइटिंग, खिलौने की दुकान पहले से ही सज जाती है.

गणपति की विशालकाय प्रतिमा लोगों को करती है आकर्षित

मेला कमेटी भी गणेश पूजा को लेकर काफी काम करता है. सभी की सुविधाओं का ख्याल रखता है. दानापुर के साथ खगौल और दाउदपुर में भी गणेश चतुर्थी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है. पट खुलते ही यहाँ भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है. दानापुर में महोत्सव को लेकर पूजा स्थल और पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है. यहाँ मुंबई के तर्ज पर गणेश महोत्सव का आयोजन कई वर्षों से किया जाता है. गणपति के विशालकाय प्रतिमा लोगों को काफी आकर्षित करती है. मेला आकर्षण का केंद्र बना रहता है.

पटना के विभिन्न हिस्सों में भी लगता है मेला

पटना में गणेश चतुर्थी पर कई स्थानों पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना होती है. पटना में दारोगा प्रसाद राय पथ में महाराष्ट्र मंडल की ओर से भी पूजा होती है. बख्तियारपुर में भी पंडालों में गणेश भगवान विराजते हैं. जमुनी राय का कुआँ, मालसलामी, लल्लू बाबू का कूचा समेत कई जगहों पर पंडालों में श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होता है आयोजन

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होता है और बच्चे मेले का आनंद उठाते हैं. इसके साथ ही बख्तियारपुर के श्रीगणेश चौक के निकट गणेश जी की प्रतिमा बैठाई जाती है. दनियावां और फतुहा में गणेश जी की प्रतिमाएं बैठाई जाती है और मेले का आयोजन होता है. दानापुर के अलावा पटना के विभिन्न स्थानों पर धूमधाम से उनकी पूजा होती है और मेला लगता है.