मधुबनी में सामुदायिक रसोई से बाढ़ पीड़ितों को राहत

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मधुबनी अमूमन मधुबनी जिले में अगस्त महीने में सामान्यतः 293.9 मि.मी. वर्षा होती है, जबकि इस वर्ष 15 अगस्त 2017 तक में 453.5 मि.मी. वर्षा हुई है। मधुबनी में अगस्त महीने में सामान्यतः से 218.2% अधिक वर्षा हुई। बिहार में आई बाढ़ के बाद मधुबनी जिले के कई इलाकों का संपर्क मुख्यालय से भंग हो गया। संपर्क टूट जाने के बाद लोगों को जीने के लिए खाना तो क्या साफ पानी तक मिलना मुश्किल हो गया। ऐसे में सरकारी सहायता के अलावा निजी स्तर पर लोगों ने आगे बढ़कर बाढ़ पीड़ितों के लिये आश्रय और खाने की व्यवस्था की। जहाँ-जहाँ एन डी आर एफ की टीम मदद को जा रही थी वहाँ-वहाँ उनके साथ खाने का सामान भी भेजा जा रहा था। मधुबनी जिले में सरकारी स्तर पर 56 आपदा राहत कैम्प/ सामुदायिक रसोई घर की व्यवस्था की गई है। शिविर में खान पान के अलावे स्वास्थ कर्मी, गर्भवती महिला और बच्चों की देखभाल, पेयजल, शौचालय, स्वच्छ्ता, रोशनी, पशु की व्यवस्था एवं सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।

परंतु जिले के कुछ सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जहाँ की आबादी भी अधिक है और पहुँच भी कठिन है वहाँ निजी स्तर पर सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है। क्लब मधुबनी के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा कि मधुबनी के बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत करहरा पंचायत में 2 दिवसीय निजी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है जहाँ दो दिनों से 5 हजार से अधिक लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। मधुबनी के बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत करहरा पंचायत का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह भंग हो गया है। क्लब मधुबनी के द्वारा चलाये जा रहे निजी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था के बाद लोग क्या खाएँगे यह एक बड़ा सवाल है, क्योंकि 8 दिनों से बाढ़ से घिरे होने के बाद भी यहाँ के लोग आज भी सरकारी सहायता की बाट ही जोह रहे हैं। वैसे तो सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 3,90,217 लोग बाढ़ से पीड़ित बताया जा रहा है जबकि निजी सर्वे के मुताबिक यह आंकड़ा 5 लाख से ज्यादा है।