नोटबंदी पर कांग्रेस-राजद का विरोध मायने नहीं : सुशील मोदी

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पटना: देश में नोटबंदी के बाद राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस इस नोटबंदी का विरोध कर रही है तो वहीं भाजपा इसका पुरजोर समर्थन कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि कांग्रेस- राजद को जनता की नहीं, अपना कालाधन बचाने की चिंता है। बड़े नोटों की बंदी से हुई कठिनाइयां कम करने के लिए जब केन्द्र सरकार ने किसानों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक को बड़ी राहत की घोषणा कर दी, तब कांग्रेस-राजद जैसे दलों का विरोध मायने नहीं रखता है।

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नीतीश कुमार ने कालेधन के खिलाफ केंद्र के कदम का समर्थन किया, लेकिन वे अपने प्रवक्ताओं से नोटबंदी के विरुद्ध बयान दिलवा रहे हैं। वे बताएं कि जब जदयू नोटबंदी के पक्ष में है तब पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्य सभा में सरकार का विरोध क्यों कर रहे थे?

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर सरकार ने शादी-विवाह वाले घरों को एक खाते से ढाई लाख रुपए तक निकालने की छूट दे दी है। रबी की बोआई को देखते हुए किसानों को हर सप्ताह 25 हजार रुपए निकालने की छूट मिली और फसल बीमा का प्रीमियम देने की अंतिम तारीख 15 दिन बढ़ा दी गई। किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने की सीमा भी बढ़ा दी गई।

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उन्होंने कहा कि सब्जी के थोक व्यापारियों को हर सप्ताह 50 हजार रुपए तक निकालने की रियायत और सरकारी कर्मचारियों को नकद सैलरी एडवांस लेने की अनुमति देकर सरकार ने बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाने की ओर बढ़ा कदम उठाया है। क्या किसानों और नौकरी पेशा लोगों के हित में लिए गए फैसले का लालू प्रसाद को समर्थन नहीं करना चाहिए?

सुशील मोदी ने आगे कहा कि नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते आने वाले करोड़ों रुपए के नकली नोट से बिहार के गरीब, किसान और भोले-भाले मजदूर ही सबसे ज्यादा तबाह होते थे। 900 करोड़ के चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को अगर गरीबों की चिंता होती, तो वे नोट बंदी के फैसले पर बेतुके सवाल नहीं उठाते। कालेधन पर सर्जिकल स्टाइक से कर चोरी रुकेगी, सरकार के पास राजस्व बढ़ने से गरीबों को फायदा होगा और बैंकों की मजबूती से आम आदमी को सस्ते कर्ज मिल सकेंगे।

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