लॉकडाउन ने ठंडा कर दिया आइसक्रीम का कारोबार

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Kaimur: इस बिजनस से जुड़े लोगों का कहना है कि आइसक्रीम का बिजनस फरवरी-मार्च से शुरू होता है। उसी दौरान कोरोना पूरे देश में फैला, जिसके कारण 25 मार्च को लॉकडाउन घोषित किया गया था। शुरुआत में यह भी अफवाह फैली कि ठंडी चीजें खाने से कोरोना फैलता है। इससे आइसक्रीम बिजनस को काफी नुकसान हुआ है।जिसके बाद कैमूर जिले के आइसक्रीम बेचने वाले दो दर्जन से अधिक लोग आज बेरोजगार हो गए हैं।  हालत इतनी खराब हो गई है की कैसे वह लोग घर का खर्चा चलाएं। साथ ही बिजली बिल और रूम का रेंट कहां से लाएं।

आइसक्रीम फैक्ट्री के मालिक गौरव बताते हैं लॉकडाउन से पहले आइसक्रीम बनाने के लिए लाखों रुपए के सामग्रियों की खरीदारी कर ली गई थी। पता नहीं था कि लाक डाउन होगा। और अचानक से हुए लॉकडाउन से पहले के मंगाए गए बहुत सामान एक्सपायर हो गए हैं। वही तैयार आइसक्रीम भी अब बेकार हो गया है। हम लोगों की माली हालत बहुत खराब हो रही है। बैंक से कर्ज लेकर आइसक्रीम फैक्ट्री लगाया था। न तो बिजली बिल दे पाए हैं और ना ही बैंक का कर्ज चुका रहे हैं। सरकार हम लोगों का कुछ प्रबंध करे जिससे कि हम लोग की हालत सुधर पाए ।

मन्ना बताते हैं इस आइसक्रीम फैक्ट्री पर 10 परिवार जीते थे। लेकिन पिछले 5 महीने से काम बंद हो गया है। रोजी-रोटी पर आफत आ गई है। हम लोगों का राशन कार्ड भी नहीं बना है कि हम लोग खा सकें। हम लोगों का सरकार के तरफ से कुछ व्यवस्था होना चाहिए जिससे कि परिवार का खर्च चलाया जा सके।