कोरोना संकट में महिलाओं ने उठाया मोहल्ले को सेनिटाइज करने का जिम्मा, खुद के साथ-साथ लोगों को भी कर रही सुरक्षित

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DESK: कोरोना का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. मौजूदा समय में कोई सुरक्षित नहीं है, सभी को संक्रमण का खतरा है. ऐसे में क्या पुरुष और क्या महिला सभी अपने-अपने स्तर से कोरोना से बचने की कोशिश कर रहे हैं. इसी क्रम में बिहार के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने खुद के साथ साथ लोगों को भी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठायी है.

पुरुष के साथ-साथ अब महिलाएं भी गली-मोहल्ले को सेनिटाईज में लगी हुई हैं. महिलाएं संसाधन के कमी की वजह से अपने कंधे पर खेती में काम आने वाले उपकरण को लटका कर अपने गली-मोहल्ले के घरों को सेनेटाइज कर रही हैं. ताजा मामला पटनासिटी के फतुहां प्रखण्ड के सैदनपुर का है, जहां युवा संगठन के युवाओं की ओर से चलाए जा रहे सेनेटाइजेशन और जागरूकता अभियान में सैदनपुर के दलित बस्ती की महिलाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं.

महिलाएं युवा संगठन से दवा लेकर खुद अपने घरों और गलियों को सेनेटाइज कर रही हैं. साथ ही कोरोना से बचने के लिए बताए गए उपाय का भी पालन कर रही हैं. वहीं युवा संगठन के कार्यकर्ता भी महिलाओं के सहयोग से इलाके के मंदिर समेत कई सार्वजनिक जगहों को सेनेटाइज कर रहे हैं.

इस संबंध में युवा संगठन के अध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने की वजह से कोरोना का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है. गांव के लोगों का बाहर आना-जाना शुरू हो गया है. ऐसे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. हमलोगों के अभियान में ग्रामीण महिलाओं ने भी साथ दिया है, जिससे हमारा काम आसान हो गया है. इधर कोरोना संकट के बीच लोगों की सुरक्षा के लिए सेनेटाइजेशन का काम कर महिलाएं भी काफी खुश हैं.

दरअसल, कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरे देश में 2 महीने से भी अधिक सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने का कोई खास फायदा नहीं दिख रहा. देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. वहीं बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.