पूर्व माले नेता रमाकांत राम को अपराधियों ने गोलियों से छल्ली कर उतारा मौत के घाट

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भोजपुर – हर दिन लगातार हत्याओं और बड़े घटनाओं का दंश झेल रहा बिहार के भोजपुर जिले में एक बार फिर से शौच के लिए गए माले नेता की हत्या कर शव को फेंकें जाने से दहशत का माहौल फैल गया है। ताजा मामला है भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र के नारायणपुर नाढ़ी गाँव की जहाँ आज अहले सुबह शौच के लिए घर से निकले पूर्व माले नेता रमाकांत राम को अपराधियों ने गोलियों से छल्ली कर माले नेता को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद से पूरे इलाके में स्थानीय लोगों के बीच अपराधियों के खौफ से दहशत का माहौल है।

मृतक की पहचान पूर्व माले कार्यकर्ता सहार थाना क्षेत्र के नाढ़ी गाँव के निवासी सुकन राम के बेटे रमाकांत राम के रूप में की गई है। पूर्व माले नेता की हत्या के बाद भारी संख्याबल के साथ मामले की छानबीन और सुरक्षा को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती गाँव में कर दी गई है। सवर्णों और महादलितों का गाँव होने के कारण मामला काफी संवेदनशील हो गया है जिससे भोजपुर पुलिस ने एहतियात बरतते हुए इलाके में भारी मात्रा में आठ थाना के पुलिकर्मियों के साथ साथ, पुलिस अधीक्षक अभियान और दो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को मौके पर भेजा है। गाँव में लगातार छापेमारी भी की जा रही है।

वहीँ दूसरी ओर माले की ओर से सामने आते हुए माले विधायक सुदामा प्रसाद ने भोजपुर एसपी अवकाश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है। माले नेता की हत्या के बाद विधायक ने सीधे सीधे एसपी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। विधायक ने कहा कि एसपी राजनीतिक दबाव में आकर काम करते हैं। यही एसपी की प्रतिबद्धता और पक्षधरता है। गरीबों की बात नहीं सुनते हैं सिर्फ दबंगों द्वारा किये गए हत्याओं को कहते हैं जाँच करेंगे। ये फिर से इलाके में सामंती ताकतों ( रणवीर सेना ) का राजनीतिक सामाजिक वर्चस्व हासिल करने की साजिश है। आज सुबह शौच के लिए आये थे तभी गोली मार कर हत्या कर दी गई। सामंती ताकत के लोग गरीब गुरबों में दहशत पैदा करना चाहते हैं। हत्या का आरोप भाजपा पर लगाते हुए विधायक ने सीधे तौर पर भाजपा और संघ पर हमला बोलते हुए कहा कि ये अपराधी भाजपा कार्यकर्ता हैं। भाजपा और संघ पूरे देश में गाय, दलित-महादलित के नाम पर उत्पात मचाये हुए है। माले नेता की हत्या के बाद उनके परिजनों को न्याय दिलाने के लिए माले नेता ने मांग उठाते हुए कहा कि मृतक के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपये की सहायता राशि, बेटे को सरकारी नौकरी और जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल के जरिये अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना होगा।

वहीं माले नेता के हत्या के इस पूरे मामले में छानबीन करने पहुंचे भोजपुर एसपी अवकाश कुमार ने बताया कि जैसे ही हत्या की सूचना मिली उन्होंने जाँच के लिए मौके पर आलाधिकारियों को भेज दिया था। आगे उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। हत्या के कारण पूछे जाने पर एसपी ने बताया कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। कुछ पहले की दुश्मनी की बात सामने आ रही है जिसको पुलिस खंगालने में लगी है। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने त्वरित सहायता प्रदान करते हुए मृतक रमाकांत राम के परिजनों को अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के हत्या में अनुदानित 4 लाख 12 हजार रुपये 500 और 20 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दिया।