मामूली विवाद में व्यवसाई की पिट-पिटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – सदर थाना से महज कुछ ही दूरी पर सरेशाम व्यवसाई बादल आर्ट के प्रोपराइटर अरविंद पंडित की पिट-पिटकर हत्या कर दी गयी। बगल के अरविंद आर्ट के प्रोपराइटर उमेश भगत, अपने दोनों पुत्र और पत्नी के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम। कचरा फेंकने के विवाद में लोहे के रॉड से प्रहार कर मोके पर ही मौत के करीब पहुंचाया, आनन-फानन में परिजनों ने इलाज के लिए ले गये सदर थाना के नयाबाजार स्तिथ एक निजी नर्सिंग होम, जहां डॉक्टरों ने जख्मी को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी डीआईजी ऑफिस में है कार्यरत। घटना की जानकारी के बाद जहां पूरे परिवार में मचा कोहराम, वहीं निजी नर्सिंग होम में लगा पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा। पुलिस नर्सिंग होम पहुंचकर मृतक के परिजन का फर्द बयान को किया कलम बन्द।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल पर पहुंचकर उमेश भगत उसके दोनों पुत्र अजय एवं बिपिन समेत उसकी पत्नी को लिया हिरासत में। आरोपी का रहा है विवादों से नाता। पूर्व की दो मारपीट की घटनाओं में रही है संलिप्तता। स्थानीय लोगों की माने तो आरोपी पिता एवं पुत्रों का चारित्रिक इतिहास नहीं था अच्छा। वहीं इस घटना के बाद शहर के लोग जहां है दहशतजदा वहीं पूरे इलाके में फैली सनसनी। घटना सदर थाना के थाना चौक की है। इस घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने शव को रखकर रोड जामकर घंटो काटा बवाल।

वहीं इस घटना को लेकर सीपीएम नेता ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि सदर थाना के सामने या यूं कहिये सदर थाना में एक आदमी की पिट-पिटकर हत्या कर दी गई इससे पूरे जनमानस आतंकित है और भय का माहौल बना हुआ है। अपराधियों का इतना मनोबल बढ़ गया है कि उस थाने के सामने किसी की हत्या कर सकता है ये प्रशासन के लिए डूब मरने जैसी बात है, इसी के गुस्से में लोगो के द्वारा सड़क जाम किया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि सहरसा में कानून का राज नहीं है बल्कि अपराधियों का राज चल रहा है अपराधी की समानांतर सरकार है। अपराधी कानून को नित प्रतिदिन चुनौती दे रहा है और प्रशासन अपराध पर अंकुश लगाने में विफल है, सहरसा प्रशासन फेल है।

इस घटना को लेकर मृतक के साले ने कहा कि कचरा को लेकर विवाद हुआ था और सब आदमी मिलकर रॉड से पिट-पिटकर मारा है और हम डिमांड करते हैं कि सबको फांसी की सजा हो। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जो मृतक का नेम प्लेट का दुकान था और कचरा को लेकर ही मारपीट हुआ था और रॉड से मारकर हत्या कर दिया। परिजन ने ये भी कहा कि मृतक की पत्नी डीआईजी कार्यालय में सिपाही के पद पर कार्यरत है।

वहीं सदर थाना प्रभारी ने कहा कि मृतक दुकान चला रहा था नंबर प्लेट का इनके पड़ोसी उमेश भगत अपने दुकान का कचरा मृतक के दुकान के आगे फेंक दिया इसी पर मृतक मना किया और कहा कि हम दुकान साफ किये है और आप कचरा फेंक रहे हैं, इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उमेश भगत के दोनों पुत्र और पत्नी ने मिलकर रॉड से पीटा और निजी नर्सिंग होम जाते-जाते उनकी मौत हो गई। पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने कचरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सहरसा सदर थाना अंतर्गत थाना चौक के पास दो दुकानदारों के बीच किसी बात को लेकर आपसी विवाद हुआ था उसी मारपीट में नंबर प्लेट के दुकानदार अरबिंद कुमार उनकी हत्या हो गई है, हत्या के लिए जो जिम्मेवार हैं उमेश भगत और उनका परिवार जो बगल में ही अपना दुकान चलाते हैं सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।