तैरता अस्पताल, दरभंगा बेहाल

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दरभंगा – भारी बारिश ने न सिर्फ आम लोगों को परेशान कर रखा है बल्कि दरभंगा के सबसे बड़े अस्पाताल DMCH को भी डूबा दिया है। अस्पताल आने-जाने वाली न सिर्फ सड़कें डूबी हैं बल्कि अस्पताल के लगभग तमाम वार्डों में पानी घुस गया है। अस्पताल के इमरजेंसी विभाग से लेकर शिशु विभाग, मेडिसिन विभाग या फिर सर्जरी विभाग – सभी जगह पानी ही पानी है। अस्पताल में खड़े एम्बुलेंस डूबे हैं तो अस्पताल में भी घुटनो भर पानी लगा है। ऐसे में इलाज़ कराने आ रहे आपातकालीन विभाग में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टर पानी के बीच इमरजेंसी मरीज का किसी तरह इलाज़ करने में लगे हैं, वहीं अस्पताल के दवा भण्डार में पानी घुसने के कारण जीवन रक्षक दवा खराब होने की स्थिति में है। दवाइयां पानी में तैर रही हैं तो दर्ज़नो दवा के कार्टून पानी में डूबे और भींगे पड़े हैं।

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अस्पताल की कई मशीने पानी के कारण खराब हो गई तो कई पानी के बीच ही पड़ी हैं। मरीज़ो के साथ आये उनके परिवार वालों के लिए भी समस्या यह है कि उन्हें भी बार–बार दवा खरीदने के लिए घुटनो भर पानी से लेकर कमर भर पानी पार कर जाना और आना पड़ रहा है। अस्पताल में ज्यादा पानी होने की वजह से कई जगह समय पर डाक्टर पहुंच भी नहीं पा रहे हैं जिससे मरीज़ो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|

हालाँकि विपरीत परिस्थिति में भी डाक्टर मरीज़ो के इलाज़ से पीछे नहीं हट रहे हैं। पानी के बीच भी सिस्टर और डाक्टर पूरे दम-ख़म के साथ अस्पताल में मरीज़ो का ख़याल रख रहे हैं। यही वजह है कि रविवार का दिन होने के बावजूद अस्पताल अधीक्षक खुद आपातकालीन विभाग में आकर मरीजों के साथ डाक्टरों की भी समस्या पर नज़र डाले हुए थे। उनहोंने कहा कि पानी के कारण परेशानियां जबरदस्त हैं पर कुदरत के सामने सभी बौने हैं। उनकी माने तो मरीजों के लिए कोइ दूसरा वैकल्पिक उपाय भी नहीं है, इसलिए परेशानियों के बीच किसी तरह मरीजों का इलाज़ हो रहा है जो काफी नहीं है।

दूसरी तरफ पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण बिहार के दरभंगा में बाढ़ जैसे हालत हो गए हैं। पूरे शहर में चारो तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। सड़कों पर पानी, गली-मुहल्ले में पानी, दुकानों में पानी, घरो में पानी – यहाँ तक की किचेन में भी पानी घुस गया है। खाना बनाने वाले गैस सिलेंडर पानी में डूब गए तो घर के बेडरूम में भी पानी घुस गया है। कहीं घुटनो भर पानी तो कहीं कमर भर पानी — लोगों की परेशानियां पानी के कारण जबरदस्त बढ़ गयी हैं। पानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग कोइ भी गाड़ी से शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक नहीं जा सकते। रास्ते में ही गाड़ी दम तोड़ देती है। सड़कों पर कमर भर पानी है तो दुकानों में भी पानी, दुकानों के सामने भी पानी। इसे अघोषित बाढ़ कहें तो गलत नहीं होगा। लोगों को जल जमाव की समस्या से निदान देनेवाला नगर निगम खुद डूब चूका है। ऐसे में इससे पानी निकासी की उम्मीद करना बेमानी होगी। दरभंगा का मुख्य बाज़ार टावर चौक भी इस पानी से अछूता नहीं। पानी के कारण ज्यादातर दुकाने बंद हैं। देखना है कि इस पानी की समस्या से आखिर कब निदान होता है।