दो केटेगरी में बांटे जाएंगे बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूर, दोनों के लिए अलग-अलग होंगे नियम

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NEW DELHI: बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के सभी जिलाधिकारी, वरीय आरक्षी अधीक्षक, आरक्षी अधीक्षक को पत्र लिख कर कोरोना वायरस संक्रमण के परिपेक्ष्य में लागू वर्तमान लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्य से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए क्वारन्टीन कैम्प के संचालन के संबंध में सिद्धांतों के निर्धारण के लिए निर्देश दिए.

पत्र में देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों से बिहार वापस लौट रहे प्रवासी मजदूर और अन्य लोगों को त्रिस्तरीय क्वारन्टीन कैम्प यथा प्रखंड स्तरीय, पंचायत स्तरीय और ग्राम स्तरीय क्वारन्टीन कैंपो के संचालन के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश दिया गया. इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रवासी मजदूरों के कराए जा रहे रैंडम सैंपल टेस्टिंग से संबंधित प्रतिवेदन और राज्य के बाहर से आ रहे मजदूरों की संख्या में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि के आलोक में निम्नलिखित सिद्धान्त निर्धारित किये जाते हैं. इनके आधार पर और जिले की स्तिथि को देखते हुए जिलाधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे.

1. कोरोना के परिपेक्ष्य में अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों के रैंडम सैंपल टेस्टिंग के फलाफल के आधार पर उन्हें निम्नांकित दो श्रेणी में वर्गीकृत किया जाना है.
क. सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, दिल्ली, गाज़ियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, कोलकाता और बंगलोर(जिलाधिकारी जिले की स्तिथि को देखते हुए कुछ अन्य को जोड़ सकते हैं.)
ख. देश के अन्य राज्य/शहर

2. a. श्रेणी क में अंकित सभी शहरों से आए प्रवासी मजदूरों को प्रखंड स्तरीय क्वारन्टीन कैम्प में रखा जाएगा. प्रखण्ड स्तरीय क़ुरणतिने कैम्प का संचालन प्रखंड मुख्यालय में अवस्तिथ उपयुक्त भवन और उक्त में जगह नहीं रहने पर प्रखंड मुख्यालय से सटे पंचायत के भवनों में रखा जाएगा. मजदूरों को 14 दिन तक क्वारन्टीन में रहना है. यह अवधि खत्म होने के बाद अगर उनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उन्हें उनके घर जाने दिया जायेगा. लेकिन वे अगले 7 दिन घर में भी होम क्वारन्टीन रहेंगे. वहीं अगर किसी में कोरोना का लक्षण पाया गया तो उनके साथ निर्देशित कार्रवाई की जाएगी.

b. प्रखंड स्तरीय क्वारन्टीन कैम्प में सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा.

C. श्रेणी ख के प्रवासी मजदूर को होम क्वारन्टीन के लिए भेज दिया जाएगा बशर्ते कि उनमें कोरोना का लक्षण नहीं हो. लेकिन अगर श्रेणी ख के मजदूर का श्रेणी क के मजदूर से कोई संपर्क रहा होगा तो उन्हें भी 14 दिन क्वारन्टीन किया जाएगा.

3. अन्य राज्यों से आने वाले नए सभी प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण प्रखंड स्तर पर अनिवार्य रूप से किया जाएगा. इस दौरान आवश्यकता अनुसार मजदूरों के भोजन और पानी की व्यवस्था की जाएगी. श्रेणी क के मजदूरों को क्वारन्टीन सेंटर भेजा जाएगा और श्रेणी ख के मजदूरों को होम क्वारन्टीन में रहने का शपथपत्र लेने के बाद घर भेज दिया जाएगा. पंजीकरण के वक़्त मजदूरन का बैंक खाता नम्बर, आधार नम्बर अनिवार्य रूप से लेना है. ताकि उनके खते में रेल किराया भेजा जा सके.

4. होम क्वारन्टीन में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए घर घर टीम भेज कर निगरानी और स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभगा को अलग से आदेश निर्गत किया जाएगा.