ये कांग्रेसी तो जालसाज निकला !

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पटना – बिहार यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार का फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। आश्चर्य की बात यह है कि उसके फर्जीवाड़े में पुलिस उसका साथ दे रही थी। दरअसल, मामला मार्च 2018 का है। जब ललन ने राजधानी पटना नवरत्न ज्वेलर के मालिक धीरज कुमार से 80 लाख की ज्वेलरी की खरीददारी की और चेक से पेमेंट किया। 30 मार्च को SBI बैंक में चेक जमा करने पर चेक बाउंस कर गया। बैंक से एकाउंट क्लोज्ड बताया गया।

इस मामले को लेकर धीरज ने 10 मई को ललन को लीगल नोटिस भेजा। 14 मई को अपने बचाव में ललन ने गांधी मैदान थाने में सादे चेकबुक के गुम हो जाने का मामला दर्ज करा दिया, फिर बाद में अपने बचाव में कोतवाली थाने में 3 साल पुराने सिम गुम होने से संबंधित एक मामले की स्टेशन डायरी के बचे हिस्से में ललन ने पुलिस की मिलीभगत से उसी चेक के गुम होने की बात जोड़ दी जिस चेक से ज्वेलर को पेमेंट किया था। लेकिन अन्य वरीय अधिकारियों को भेजी जाने वाली केस डायरी की कार्बन कॉपी में भी चूंकि हेरफेर संभव नहीं हुआ इसलिए पुलिस की मिलीभगत से की गई उसकी ये प्लानिंग सामने आ गयी। 

जब पैसा मांगा गया तो ज्वेलर पर उसने एससी/एसटी एक्ट में झूठे आरोप लगाकर FIR करवा दिया। इतना ही नहीं ज्वेलर धीरज को धमकी दी साथ ही अपनी ऊंचे संपर्कों का धौंस भी दिखाया। धीरज ने इस मामले पर पटना के एसके पुरी थाने में ललन के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। जिसपर DIG ने संज्ञान लेते हुए कल ललन को गिरफ्तार करने का आदेश जारी कर दिया है। सिटी SP पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

बता दें कि ललन राहुल गांधी के साथ पटना में स्टेज शेयर कर चुका है। 2015 में निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुका है। फर्जीवाड़ा का जब यह मामला सामने आया तबसे वह अपने घर से फरार है। फर्जीवाड़े में जिन पुलिसकर्मियों ने ललन की मदद की थी उन्हें निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेसी नेता ललन कुमार को ठगी के मामले में बचाने की कोशिश करने वाले दारोगा विक्रमादित्य झा और एक सिपाही (मुंशी) मनोज सिन्हा को वरीय अधिकारियों ने कल शनिवार को निलंबित कर दिया।

गौरतलब है कि ललन के खिलाफ अब तक अलग-अलग थानों में ठगी और बेईमानी के कुल 8 मामले दर्ज मिले है। यह वही ठगी कांग्रेसी नेता है जिसके कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और बड़े-बड़े अफसरों के साथ संपर्क हैं।