उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानव जाति के साथ-साथ जानवरों को भी बचाने की जरूरत है

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पटना – राजधानी पटना स्थित ट्रांस बॉर्डर वाइल्ड लाइफ कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज मानव जाति के साथ-साथ जानवरों को भी बचाने की जरूरत है। पहले जमाना था कि बड़े घरों में हिरण का, सिंह या बाघ का सिर रखना बड़ी बात होती थी।

उन्होंने कहा कि आज हमने अलग-अलग मुल्क, राज्य व जिले बना दिये, लेकिन जानवर सीमाओं को नहीं जानता है। यह सृष्टि केवल मनुष्य के लिए नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी है। स्मगलरों के चलते जानवर विलुप्त हो रहे हैं। अगर बिहार में हमलोगों का प्रयास नहीं होता तो मिठे पानी का डॉल्फिन विलुप्त हो जाता। उन्होंने कहा कि जानवरों को बचाया जाना बहुत ही आवश्यक है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रेल व रोड जानवरों के लिए एक कनफ्लिक्ट पैदा कर रहा है। हमने देखा कि कई ऐसा अंडरपास बना दिया गया है जहां जानवर नहीं जाता है। इससे रूपये खर्च हो गये और जानवरों के लिए सुविधा भी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कल आईपीसीसी की रिपोर्ट आई है, उसमें दिया है कि ग्लोबल वार्मिंग से तापमान 1.5 डीग्री सेल्सियस बढ़ने से बहुत असर पड़ेगा। अगर 2 डीग्री बढ़ गया तो किड़े-मकौड़े मर जाएंगे। इसका सर्वाधिक परिणाम बिहार जैसे गरीब राज्य पर पड़ेगा। इससे राज्य में सिंचाई प्रभावित होगी। ऐसे में 20% बारिश भी कम होगी। इससे कृषि प्रभावित होगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं वन विभाग को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उनलोगों ने ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये। हम चाहते हैं कि बिहार के वाल्मिकी नगर टाइगर रिजर्व में लोग भ्रमण करें। हम चाहते हैं कि वहां काफी संख्या में पर्यटक आयें और देखें। इसके लिए हम कल वहां जाएंगे और लोगों के लिए सुविधाएं देखेंगे। मौके पर बिहार सरकार वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण के अलावा नेपाल एवं उत्तर प्रदेश से आये प्रतिनिधि एवं कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।