आदमी की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है लेकिन उसके लालच को नहीं- नीतीश कुमार

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पटना समाचार/ संवाददाता- (Patna News) महात्मा गांधी के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का वीणा उठाये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ही महात्मा गंधी के बनाये राहों पर चले हैं। उनका मानना है कि आदमी की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है लेकिन उसके लालच को नहीं। उन्होने कहा की महात्मा गांधी ने इस बात को हमेशा कहा है। रोटी, कपड़ा और मकान आदमी की बुनियादी जरूरतें हैं फिर भी देख लीजिए, कैसा जीवन होता जा रहा है। तरह-तरह की चीजें जुटाने के लिए होड़ सी मची है। किस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है।

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तकनीक के बेजां इस्तेमाल से हमारी प्रकृति, पृथ्वी और गंगा खतरे में पड़ गई है। गंगा के बिना तो देश की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। पृथ्वी से जो हमें जो कुछ मिलता है, वह हमारी आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है लेकिन उससे लालच को पूरा नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पर्यावरण के साथ अन्याय कर रहे हैं। दिन-प्रतिदिन नई-नई टेक्नोलॉजी हमें घेर रही है। लेकिन इसके प्रतिकुल प्रभावों पर कोई चर्चा नहीं होती। आज घरों से गोरैया लुप्त हो गई है। पर्यावरण से छेड़छाड़ के कारण गंगा की अविरलता प्रभावित हुई है। यही हाल रहा तो पृथ्वी को बचाना मुश्किल हो जाएगा। बिहार सत्ता का केंद्र रहा है, देश में हो रहे बड़े-बड़े महानगरों के विकास के साथ-साथ छोटे-छेटे कस्बों के विकास की भी जरूरत है। उन्होने कहा कि सरकार मोतिहारी के किसानों के लिए जो भी किया जा सकता है, करेगी।

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कृषि रोड मैप का बुनियादी सिद्धांत है कि किसानों की आमदनी बढ़े। हमारे लिए सिर्फ जमीन मालिक ही नहीं, खेती से जुड़ा हर आदमी किसान है। महात्मा गांधी की प्रेरणा से बिहार में जितने भी बुनियादी विद्यालय खोले गए है, उनका जीर्णोद्धार हमारे शताब्दी समारोह का अंग है। चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के जरिए हमारा लक्ष्य महात्मा गांधी के विचारों को घर-घर पहुंचाना है। आज गांधी की स्थिति देवता वाली है। लोग उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने की बजाए उनकी पूजा करना चाहते हैं। पूजा करना आसान है लेकिन गांधी के विचारों को अपने जीवन में उतारना कठिन कार्य है। हम बापू के विचारों को लेकर घर-घर दस्तक देंगे। अगर नई पीढ़ी का 10-15 प्रतिशत हिस्सा भी गांधी के विचारों के प्रति आकर्षित हो जाए तो समाज बदल जाएगा।