महादलित आरोपी के परिजनों ने थाने पर किया पथराव

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भोजपुर – पुलिस अभिरक्षा में महादलित आरोपी के पिटाई से आक्रोशित परिजनों ने किया थाने पर पथराव, आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ छेड़खानी व दुर्व्यवहार का लगाया आरोप।

भोजपुर पुलिस द्वारा एक बार फिर महादलित परिवार पर पुलिसिया बर्बरता का सितम सामने आया है! दरअसल पुलिस अभिरक्षा में थाने में मौजूद एक आरोपी की पिटाई से आक्रोशित महादलित परिजनों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए थाने पर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान सैकडों की संख्या में मौजूद महिला और पुरुष ने थाने पर हमला बोलते हुए ना सिर्फ आरोपी को छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल ले गए बल्कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए उन पर हमला भी किया। इस मंजर को देख बेबस पुलिस आरोपी को किसी तरह बेहतर इलाज के लिए बिहियां पीएचसी में भर्ती कराया गया जिसके बाद हंगामा कुछ शांत हुआ।

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस अभिरक्षा में आरोपी के महिला परिजन बार-बार पुलिसकर्मियों पर परिवार की महिलाओं के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ का आरोप लगाते रहे। बताया जा रहा है कि आरा-बक्सर एनएच 84 पर अमराई नवादा से पूरब गजराजगंज ओपी क्षेत्र के सीताकुंड छलका के समीप तीन बाईक पर सवार 9 की संख्या में मौजूद अज्ञात अपराधी अनिल सिंह, बगही के हरेराम साह व बिहियां गांव के बउल साह की बाईक में धक्का मारकर गिरा दिया और उनसे 24 हजार रूपया नकद, सोने की सिकड़ी व अंगूठी तथा मोबाईल छिन लिया। लूटे जाने के बाद पीड़ितों ने बिहिया पुलिस को फोन किया तो मौजूद थाने के पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच छानबीन कर अपराधियों की शिनाख्त में जुट गए।

वहीं आरोपी के परिजनों की माने तो इस मामले में पुलिस ने तेघरा गांव निवासी इदरीश नट के पुत्र फिन्ची नट व शिवजी साह के पुत्र रवि साह को शक के आधार पर बिहियां थाने ले आयी और पुलिस के आलाधिकारी ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनकी जमकर पिटाई की जिससे वो बुरी तरह जख्मी हो गए। जबकी दोनों आरोपियों ने स्वयं को इस मामले से अनजान बताया फिर भी पुलिस ने उन्हे नहीं बख्शा। जिसके बाद परिजनों को इसकी सूचना मिली तो थाने में पहुंच जख्मी को इलाज कराने के लिए आग्रह किया गया। लेकिन नाही थानाध्यक्ष इलाज कराने को राजी हुए और नाही उनकी सुध लेने वहां कोई आलाधिकारी पहुंचा जिससे आरोपी के परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने जबरदस्ती पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया जिसके बाद बिहियां थाना पुलिस दोनों आरोपियों को इलाज के लिए ज्यों ही बिहियां पीएचसी लाने की तैयारी कर रही थी कि तभी आरोपी के परिजनों ने उन पर धावा बोलते हुए दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा से मुक्त कर इलाज के लिए अस्पताल लाया।

हालांकि इस पूरे मामले पर फिलहाल भोजपुर पुलिस के कोई अधिकारी कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर रहे हैं, वहीं आरोपियों के परिजन पुलिस पर महिलाओं के ब्लाउज फाड़ने व उनके साथ छेड़खानी का आरोप लगा रहे हैं। इस हिंसक झड़प में बिहियां थाने के एक एसआई समेत चौकीदार भी बुरी तरह जख्मी हो गया है जिनका इलाज भी बिहियां पीएचसी में कराया जा रहा है। बहरहाल इस पूरे घटना के बाद जहां कुछ लोग पुलिस के कार्यशैली पर उंगली उठा रहें है तो कहीं आरोपियों के महादलित होने का नाजायज फायदा बता रहे हैं।