दो थानों के बीच केस दर्ज करने को लेकर भटकता रहा किसान, लेखपाल के नापी और एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मामला

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दो थानों के बीच केस दर्ज करने को लेकर पांच दिनों से एक किसान भटकता रहा और थानेदार अपने थाने का मामला न बताकर यहां से वहां उसे भटकाते रहे।

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अंत में किसान हार-थक कर एसपी के पास पहुंचा तब जाकर एसपी के हस्तक्षेप और लेखपाल के नापी के बाद मामला दर्ज हुआ। मधेपुरा और सहरसा के सीमावर्ती इलाके में रहने वाले ब्रजेश कुमार अपने ट्रैक्टर चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक हफ्ते से थाने के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। परेशान होकर ब्रजेश एसपी के पास पहुंचे और फिर मामला दर्ज हो पाया।

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मधेपुरा के अरार ओपी के अंतर्गत रहने वाले ब्रजेश कुमार का ट्रैक्टर उनके घर से चोरी हो गया था। जब वह इसकी शिकायत लेकर आरार पुलिस के पास गए तो उन्हें बताया गया कि उनका घर सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र में पड़ता है। इसके बाद वो पतरघट थाना पहुंचे। यहां भी उन्हें यह कहकर जाने को कहा गया कि मामला उनके थाने के क्षेत्र के अंदर नहीं आता। वो अपनी शिकायत को लेकर कई दिनों तक दोनों थाने का चक्कर लगाते रहे।

परेशान होकर ब्रजेश मधेपुरा के एसपी के पास पहुंचे। जिसके बाद एसपी ने इंस्पेक्टर को मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा। अगले दिन इंस्पेक्टर भी पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। अरार ओपी प्रभारी यह मानने को तैयार नहीं थे कि यह उनके क्षेत्र में है। मामले को सुलझाने के लिए अगले दिन अमीन को बुलाया गया। थाने का सीमांकन किया गया तब जाकर छठे दिन मामला दर्ज हो पाया। तब जाकर किसान के सांस में सांस आई।