FCI गोदाम में घुसा बाढ़ का पानी,सैकड़ों क्विंटल सरकारी अनाज पूरी तरह नष्ट

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Motihari: केसरिया प्रखंड में एफसीआई गोदाम में बाढ़ के पानी प्रवेश करने को लेकर सैकड़ों क्विंटल सरकारी अनाज पूरी तरह नष्ट हो गया है। बिगत एक सप्ताह से लागातार मीडिया में प्रसारित होने के बाद जागी मोतिहारी प्रशासन ने गोदाम का अवलोकन कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दे दिया।पर कार्रवाई नहीं किया।जांच के नाम पर बात को टालने की कवायद प्रशासनिक अधिकारियों में काफी चर्चित है।जो आज प्रत्यक्ष रूप से सामने आया है।

बता दें कि गोदाम में रखे सरकारी अनाज जो गरीबों का निवाला भी कहे जा सकते हैं। जिसका आंशिक भाग पूर्ण रुप से सड़क गया है।और काफी बदबू फैली हुई है। गोदाम में रखे सारा अनाज बदबूदार हो गया है। अंचल प्रशासन के अधिकारियों के मौजूदगी में एक गोदाम से निकाल कर डिलर के यहां पहुंचने की कवायद जोर शोर से चल रही है।तथा जन वितरण प्रणाली के दूकानदार इसे गरीबों में बांटने में जी जान लगा दी है। ताकि सरकार के सरकारी राशन का जिर्णोद्धार हो सके और गोदाम में कार्यरत लापरवाह लापरवाहियों का पल्ला हल्का हो जाए। लेकिन शायद इन अधिकारियों व जन वितरण प्रणाली के दूकानदारो को शायद ये नहीं मालूम की इस सड़े हुए अनाज को खाने से कई प्रकार के संक्रमण बिमारी फैल सकती है। सरकार के लाभकारी योजनाओं पर उनकेे अधिकारी ही खोखला करने में लगे हुए हैं। इसे आला अधिकारियों की उदासीनता कहे या अधिनस्थ अधिकारियों के बचाव का जरिया। बता दें की स्थानीय गोदाम में बाढ़ के पानी से नुकासान हुए करीब 700 क्विंटल अनाज सड़ने की पुष्टि एडीएम शशिशेखर चौधरी ने की है।

एडीएम शशिशेखर चौधरी ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सभी आला अधिकारियों को इस विषय में खासी जानकारी के बाद भी जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। अधिकारियों के जांच के 24 घंटा बाद भी कार्रवाई नहीं हुआ। यहां बता दें कि एक नाव को चलाने के लिए सरकार 700 रुपया एक दिन के हिसाब से बीयर करती हैं। लेकिन इस खाद्यान्न को निकालने के लिए एक दिन का सार हजार रुपए के हिसाब से नावीक को दिया जा रहा है।जो कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला जरुर है।इतना ही नहीं यहां कार्यरत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के द्वारा मुखिया को रात में बारह बजे फोन पर जेल भेजवाने की धमकी भी दी जाती है।इस जांच टीम में एडीएम शशिशेखर चौधरी, जिला लोक निवारण पदाधिकारी रविन्द्र कुमार, एसडीएम ब्रजेश कुमार एवं एडीएसओ सह एमओ अरुण कुमार सिंह मौजुद थे।