यहां महिला खिलाड़ियों को नहीं मिला रात का खाना, भूखे सोईं

594
0
SHARE

हाजीपुर: बिहार के हाजीपुर में राज्यस्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता के लिए महीनों से हो रही तैयारियों की पोल खुल गई। प्रतियोगिता के लिए कई दौर की हुई मैराथन बैठकों का नतीजा अराजक व बदतर व्यवस्था के रूप में दिखा। प्रशासनिक स्तर पर चली लंबी कवायद एसी लगे कार्यालय से होकर बच्चियों के आवासन स्थल और खेल मैदान तक नहीं पहुंच पाया।

कला-संस्कृति एवं युवा विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 03 से 05 अक्टूबर तक हाजीपुर में राज्य स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता 2016 का आयोजन हो रहा है। विभागीय मंत्री शिवचंद्र राम का यह गृह जिला है। उनके प्रयास से ही स्टेल लेवल प्रतिस्पर्धा का आयोजन होना संभव हो पाया है।

प्रतियोगिता में ये सारे खेल हैं शामिल

प्रतियोगिता में कबड्‌डी, खो-खो, हैंडबॉल एवं बैडमिंटन मुख्य रूप से शामिल हैं। प्रतियोगिता में राज्य के सभी 38 जिलों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। खेल के इन तीन विधाओं के खिलाड़ियों के दल को लेकर टीम कोच, पदाधिकारी हाजीपुर पहुंचे हैं। बताते चलें कि कबड्‌डी में 10, हैंडबॉल में 12, खो-खो में 10 एवं बैडमिंटन के 04 यानि 40 सदस्यीय खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों की टीम हर जिले से पहुंची है। जिन जिलों में हैंडबॉल प्रचलित नहीं हैं, वहां से 24 सदस्यीय टीम आई है। राज्य के करीब एक दर्जन से अधिक दूरस्थ जिलों की बच्चियां रविवार की रात कैंप पर पहुंच गई थीं। जो टीम देर रात कैंप पर पहुंची, उन्हें बाजार में भी खाने के लिए कुछ नहीं मिला।

आवासन के लिए निर्धारित जीए इंटर स्कूल, राज्य संपोषित बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टाउन हाईस्कूल में साफ-सफाई तक नहीं की गई थी। राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए जिला प्रशासन कितनी गंभीर व सजग रही इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बच्चियों के आवासन स्थल पर सुरक्षा, पानी-बिजली, शौचालय, साफ-सफाई तक की व्यवस्था नहीं की गई। जीए इंटर स्कूल में गिनती के 15 शौचालय हैं पर एक को छोड़कर सभी खराब हैं।

बच्चियों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ा

यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि एक दिन पूर्व गांधी जयंती पर स्वच्छता के संकल्प लिए गए। जिला प्रशासन ने बिदुपुर के तीन पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया। तीनों पंचायत में दीपावली मनाई गई। उसके अगले ही दिन डीजे, डीएम-एसपी, सीएस व एसडीओ के सरकारी आवास से 200 गज की दूरी पर स्थित जीए इंटर स्कूल कैंप के दूसरे जिले से आई बच्चियों को सुबह गंडक तट पर खुले में शौच के लिए जाना पड़ा।

सुरक्षा व रोशनी भी नहीं

जीए इंटर स्कूल की लाइन कटी हुई है। बिल भुगतान न होने पर विभाग ने लाइन काटा है। एसएस गर्ल्स स्कूल में बिजली तो हैं पर पानी, शौचालय, स्नानागार की व्यवस्था नगण्य है। जीए इंटर स्कूल परिसर में एक ही चापाकल लगा है। बच्चियां बिन नहाए-धोए गेम में हिस्सा लेने गई। इन कैंपों पर जिला प्रशासन ने जेनरेटर तक की व्यवस्था नहीं की।

कागज पर रह गईं ये समितियां

सुव्यवस्थित रूप से राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के संचालन के लिए डीएम की देखरेख में 13 सदस्यीय स्वागत समिति, 15 सदस्यीय अवासन समिति, 04 सदस्यीय भोजन समिति, 04 सदस्यीय विधि-व्यवस्था समिति, डीपीआरओ के संयोजकत्व में सभी दैनिक अखबारों के ब्यूरोचीफ की प्रचार समिति, 06 सदस्यीय मीडिया समिति के अलावा प्रमाणपत्र, पुरस्कार वितरण समिति सहित कई समितियां बनीं थीं।

वैशाली जिला खेल पदाधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता का पहला दिन था। इस वजह से थोड़ी परेशानी हुई। विभागीय समन्वय का अभाव जरूर था। लड़कियों के ठहरने के जगह पर सारी व्यवस्थाएं कर दी गई है। चलंत शौचालय मॉडलर लाकर रख दिया गया है। खाने के लिए प्रति बच्चियों को नगद 200 रुपए भुगतान किया गया है।

किन विभागों की क्या थी जिम्मेदारी

विद्युत कार्यपालक अभियंता को बिजली, पीएचईडी के एक्सक्यूटिव इंजीनियर को कैंप स्थल पर चापाकल, पानी का टैंकर, पर्याप्त संख्या में चलंत शौचालय, अस्थायी स्नानागार, नगर परिषद के एक्सक्यूटिव ऑफिसर व चेयरमैन को स्थल की साफ-सफाई, एसपी के जिम्मे महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, एसडीओ को विधि-व्यवस्था संधारण की जिम्मेवारी दी गई थी।

श्रोत: भास्कर