पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

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कैमूर – बिहार सरकार के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री बृज किशोर बिंद के खिलाफ भभुआ व्यवहार न्यायालय में पीड़िता ललिता देवी ने मंत्री सहित सात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया है। मंत्री के दबाव के कारण 6 महीने तक थाने में दर्ज नहीं हो पाई थी प्राथमिकी। अंत में पीड़िता ने न्यायालय में कराया मामला दर्ज। इसके पहले भी मंत्री बृजकिशोर बिंद के ऊपर कैमूर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के ओरगांव गांव में एक सैनिक की हुई हत्या में हत्यारों के मदद करने का भी आरोप लग चुका है।

इस बार दर्ज हुई प्राथमिकी में आरोप है कि इन लोगों की उपस्थिति में लापरवाही के कारण ललिता देवी के बेटे की मौत हुई। पीड़िता का कहना है कि 27 अक्टूबर 2017 को छठ पूजा के अवसर पर चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में तालाब में तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसके मुख्य अतिथि बिहार सरकार के मंत्री और चैनपुर विधायक बृज किशोर बिंद थे। लेकिन इनके इस प्रतियोगिता में सुरक्षा के लिहाज से कोई भी व्यवस्था नहीं कराया गया था। मेरा बेटा घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकला था। बीच रास्ते में ये लोग मेरे 15 वर्षीय बेटे को बहला-फुसलाकर तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये ले गये जिसमे मेरे बच्चे की मौत हुई। जिसके बाद में मंत्री ने हर संभव मदद परिवार वालों को करने का आश्वासन तो दिया था लेकिन अभी तक कोई आश्वासन पूरा नहीं हो पाया है। हम लोगों का FIR रिपोर्ट भी मंत्री के कहने पर चैनपुर थाना प्रभारी ने बदल दिया। मेरा बेटा तैराकी में डूबा था, लेकिन मंत्री जी के कहने पर लिखा गया कि वह तालाब में नहाने के दौरान डूबा है।

परिवार वालों का आरोप है कि जब यह घटना हुई थी तब हम लोग मंत्री के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का बहुत प्रयास किए लेकिन हम लोग का प्राथमिकी थाने में दर्ज नहीं की गई। उस समय मेरे बेटे के शव की कीमत लगाया जाने लगा। इसलिए न्यायालय में जाकर मंत्री सहित सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराया गया। हम लोगों को सरकार से न्याय चाहिए। अगर न्याय नहीं मिला तो हम सभी जहर खाकर पूरा परिवार आत्महत्या कर लेंगे। जिसके जिम्मेदार सरकार होगी।

वहीं मंत्री बृजकिशोर बिंद ने बताया कि मैं मुख्य अतिथि के रुप में था मुझ पर आरोप लगाना बेबुनियाद है। यह सब राजनीति के तहत मुझे फंसाया जा रहा है।