डिक्की बिहार का प्रथम स्थापना दिवस समारोह बोध गया में

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पटना – आगामी 5 अक्टूबर, 2017 को दलित उद्यमियों के संगठन दलित इन्डियन चैम्बर ऑफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) का बिहार चैप्टर का प्रथम स्थापना दिवस समारोह बोध गया के होटल महाबोधि में होगा| विगत सितम्बर में डिक्की बिहार चैप्टर का उद्घाटन होटल मोर्या पटना में हुआ था| उसके बाद डिक्की बिहार के प्रेसिडेंट दिनेश पासवान के कुशल नेतुत्व में डिक्की बिहार की टीम ने राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के सहयोग से कई कार्यक्रमों में दलित उद्यमियों की भागीदारी करवाई है|

दिनेश पासवान ने बताया कि पिछले वर्ष से ही डिक्की ने एनएसआईसी, एमएसएमईडीआई पटना एवं उद्योग विभाग, बिहार सरकार के साथ मिलकर केंद्र एवं राज्य सरकार की कई योजनाओं से दलित उद्यमियों को जोड़ा है| इसलिए हम आगामी 5 अक्तूबर को बोध गया में अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं|

इस कार्यक्रम में पूरे बिहार भर से अनुसूचित जाति/ जनजाति के दो सौ के करीब दलित उद्यमी भाग लेंगे| साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार के कुछ मंत्री भी इसमें शिरकत करेंगे| यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से सायं 6 बजे तक होगा| कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है| प्रतिभागी डिक्की की वेबसाईट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं| इस कार्यक्रम में स्टैंडअप इण्डिया, जीएसटी, प्रधानमन्त्री रोजगार गारंटी योजना, अनुसूचित जाति/ जन जातियों के लिए क्रेडिट एवं ऋण गारंटी योजना, एम्एसएम्ई तथा एनएसआईसी से सम्बन्धित विभीन्न योजनाओं पर केन्द्रित कई व्याख्यान होंगे| साथ ही बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/ जन जाति के लोंगो के लिए चलाई जा रही विभीन्न योजनाओं की जानकारी भी सम्बन्धित विभागों द्वारा दी जाएगी|

कार्यक्रम आयोजन समिति के संयोजक अनिल पासवान ने बताया कि डिक्की ने विगत दस वर्षों में दलित उद्यमियों के लिए बहुत सारी योजनायें बनवाई है| बिहार चैप्टर भी राज्य सरकार के साथ मिलकर दलित समाज में उद्यमिता विकसित करने हेतु और अधिक अनुकूल माहौल बनवाने में मदद कर रहा है| उन्होंने बताया कि डिक्की द्वारा अब तक पांच ट्रेड फेयर आयोजित किये जा चुके हैं जिसमें हजारों दलित उद्यमियों ने अपना स्टॉल लगाया था|

डिक्की के प्रयासों से अब तक हजारों दलित उद्यमी बड़े-बड़े व्यापारिक घरानों के साथ मिलकर अपना बिजनेस आगे बढ़ा रहे हैं| अनिल पासवान ने कहा कि व्यापार एक ऐसा माध्यम है जिससे सामाजिक समरसता एवं सौहार्द कायम करने में बहुत मदद मिलती है| इसलिए हमारा उद्देश्य व्यापार के माध्यम से सामाजिक गैरबराबरी को कम करना है|