अररिया में बाढ़ जैसे हालात, किशनगंज बेहाल

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अररिया/किशनगंज – अररिया में पिछले कई घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सीमावर्ती पीरगंज, लेटी, सोनापुर और बेरिया एसएसबी बीओपी इलाका पूरे तरीके से जलमग्न हो गया है। जिले में लगातार हो रही बारिश से सिकटी के बकरा, नूना और घाघी नदी में उफ़ान है जिससे लोगो को काफी परेशानी हो रही है।

इस बीच किशनगंज जिले में लगातार बारिश से जिले में बाढ से त्राहिमाम की स्थिति है। सैकड़ों गाँव के हजारों लोग बुरी तरह से प्रभावित हैं।

*नदी में डूबने से एक महिला सहित दो की मौत, तीन लापता
* महानंदा नदी मे बने बांध में दरार
* हजारो एकड़ में लगी खड़ी फसलों को भारी नुकसान
* शहरी क्षेत्र के कई वार्डों में भी पानी घुसा
* जिला पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर रहे है कैंप

बारिश से आधा दर्जन नदियों का जलस्तर पूरी तरह बढ़ चुका है जिसके बाद जिले के सातों प्रखंड बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। जिले के दिघलबैंक, कोचाधामन, ठाकुरगंज, टेढागाछ प्रखंड बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं और लोग अपने-अपने जान माल के साथ घर छोड़कर जाने को विवश हो चुके हैं जबकि शहरी क्षेत्र की सड़के भी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं और शहर का गांधी चौक अस्पताल रोड सड़क पर पानी बह रहा है। मालूम हो कि हर साल बाढ़ की विभीषिका जिले के लोग झेलते हैं।

गौरतलब हो कि विगत वर्ष आए विनाशकारी बाढ़ ने जहां हजारों एकड़ में लगी खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया था वहीं दो दर्जन से अधिक लोग काल के गाल में समाहित हो चुके थे। अब इस साल भी लगातार हो रही बारिश के बाद जिस प्रकार से प्रकृति का प्रकोप देखने को मिल रहा है उसके बाद ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग भी बुरी तरह से डरे-सहमे हुए हैं। मालूम हो कि जिले के कोचाधामन प्रखंड के तीस पंचायत बुरी तरह प्रभावित हैं जिसकी जानकारी विधायक मुजाहिद आलम ने दी। आलम ने बताया कि डेरामारी, बगलबाड़ी, दौला, पाटकोई, गरगांव, सुदंरबाड़ी, चकला सबसे अधिक प्रभावित है जबकि पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा, दामलबाड़ी, रायपुर ,बेलुआ सहित दर्जनो पचायंत के हजारो लोग अब भी बाढ़ के पानी में फंसे हुए है जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से निकाला जा रहा है। वहीं दिघलबैंक प्रखंड के मोहामारी, गंधर्वडांगा, हरूआडांगा, धनतोला पंचायत में बाढ से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। बारिश है कि अभी भी रूकने का नाम नहीं ले रही है और लगातार जिले में मुसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है जिसके कारण लोगो की परेशानी और बढ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बहादुरगंज प्रखंड के देशिया टोली में नाव पलट जाने से एक आदिवासी महिला की मौत हो गई है जबकि जिले के चकला पचायंत मे बांध निर्माण कार्य मे लगे युवक राहुल कुमार की मौत का मामला भी प्रकाश में आया है। बाढ के पानी से टेढागाछ और दिघलबैंक प्रखंड मे स्थित एसएसबी के कई बीओपी पुरी तरह जलमग्न हो चुके हैं जिससे जवानों को अत्याधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

मालूम हो कि लगातार बारिश से महानंदा, कनकई, रतुआ, बुढी कनकई, मैची का जलस्तर पूरी तरह बढ़ चुका है और जिले के कई इलाकों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से भंग हो गया है। बाढ़ से सैकड़ो एकड़ में लगी खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है और किसान पूरी तरह मायुस हैं। किसानो ने बताया कि किसी प्रकार से कर्ज लेकर खेती किया था लेकिन सब कुछ तबाह एवं बर्बाद हो चुका है। मालूम हो कि जिला प्रशासन ने जो दावा किया था बाढ़ से निपटने का सारा दावा फेल नजर आ रहा है और लोग घर बार छोड़ कर त्राहिमाम की स्थिति में हैं। अगर इसी प्रकार बारिश होती रही तो स्थिति और भी भयावह होगी इससे इंकार नहीं किया जा सकता। नदी पर बढ़े दवाब के कारण महानंदा नदी में बने बांध पर दरार आ चुका है, साथ ही अन्य दर्जनों स्थानों पर सड़क पुल पुलिया पर खतरा मंडरा रहा है। जिले में बाढ से १० लाख से अधिक आबादी प्रभावित है।