मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बिहार विकास मिशन के शासी निकाय की चतुर्थ बैठक सम्पन्न हुई

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पटना, 12 सितम्बर 2017: मुख्यमंत्री सह अध्यक्ष शासी निकाय बिहार विकास मिशन नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शासी निकाय की चतुर्थ बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में किया गया। बैठक में सात निश्चय की योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ बिहार विकास मिशन के अन्य उप मिशन के कार्यक्रमों की प्रगति की बिन्दुवार एवं विभागवार गहन समीक्षा की गयी।

बिहार विकास मिशन के शासी निकाय की बैठक में सबसे पहले पूर्व की बैठकों की कार्यवाही के अनुपालन की समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री द्वारा विकसित बिहार के सात निश्चय योजनाओं से संबंधित अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गयी। बैठक में आर्थिक हल, युवाओं को बल योजना की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर तीन योजनाओं – स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर अब तक 4,44,603 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड से संबंधित तीन प्रतिशत आवेदन हैं, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना से संबंधित 41 प्रतिशत आवेदन हैं तथा कुशल युवा कार्यक्रम से संबंधित 56 प्रतिशत आवेदन हैं। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि इसके अलावा काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन प्राप्त किये गये हैं। मिशन निदेशक द्वारा बताया गया कि युवाओं की काउंसिलिंग डी0आर0सी0सी0, महाविद्यालय-विद्यालय एवं पंचायतों में की जा रही है। अब तक 9,23,027 लोगों का काउंसिलिंग किया जा चुका है। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महाविद्यालयों में कितने छात्र आते हैं, इसका भी ध्यान रखा जाय। अगर विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है तो इसका क्या कारण है, इसका अध्ययन होना चाहिये। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बिहार का ग्राॅश इनराॅलमेंट रेशियो मात्र 13.9 प्रतिशत है। हम इसको 30 प्रतिशत से ऊपर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति के संदर्भ में मेहनत किया गया तो छात्रों की उपस्थिति बढ़ गयी। महाविद्यालयों में भी छात्रों की उपस्थिति को माॅनिटर करें। कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि डी0आर0सी0सी0 पर कुल 2,49,928 आवेदन प्राप्त हुये, जिनमें 2,48,181 आवेदन स्वीकृत किये गये। अब तक योजना के अन्तर्गत 1,170 केन्द्र कार्यरत हैं, जहां पर युवाओं को संवाद कौशल, व्यवहार कौशल तथा कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कुशल युवा कार्यक्रम में आवेदनकर्ता संबंधित जिला जहां पर वे आवेदन कर रहे हैं, का अस्थायी निवास प्रमाण पत्र भी जमा करा सकते हैं। सरकारी विश्व विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निःशुल्क वाई-फाई की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कुल 319 के लक्ष्य के विरूद्ध 300 संस्थानों में वाई-फाई अधिष्ठापित कर दी गयी है।

इसके अलावा आरक्षित रोजगार महिला का अधिकार योजना के साथ-साथ सात निश्चय की अन्य योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गयी। हर घर बिजली निश्चय योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कुल गाँव 39,073 में से 38,596 गाँवों को इस योजनान्तर्गत आच्छादित किया जा चुका है। अब शेष बचे 477 गाँवों को आच्छादित करने हेतु माहवार कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है। दिसम्बर 2017 के अंत तक सभी गाँवों को इस योजनान्तर्गत आच्छादित कर दिया जायेगा। हर घर नल, घर तक पक्की गली-नाली योजना की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। शौचालय निर्माण, घर का सम्मान योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि अब तक 16,726 ग्रामीण वार्ड, 478 पंचायत, 25 प्रखण्ड एवं एक अनुमण्डल को ओ0डी0एफ0 घोषित किया जा चुका है। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण नष्ट हुये शौचालयों के संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग समुचित कार्रवाई करेगी। इसके साथ-साथ अवसर बढ़े, आगे पढ़ें योजना की भी बिन्दुवार समीक्षा की गयी।

शासी निकाय के चतुर्थ बैठक में बिहार विकास मिशन के विभिन्न उप मिशन की योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गयी। युवा उप मिशन की समीक्षा के क्रम में नगर विकास एवं आवास विभाग अन्तर्गत शहरी फुटपाथ दुकानदारों के लिये वेंडिंग जोन की स्थापना तथा सबके लिये आवास योजना पर विस्तृत चर्चा की गयी। ग्रामीण विकास विभाग योजनान्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मानव विकास उप मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में निर्णय हुआ कि बच्चों में स्टंटेड ग्रोथ, बाल विवाह तथा दहेज प्रथा के विरूद्ध सशक्त अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की इसमें सक्रिय सहभागिता होगी। उन्होंने कहा कि स्टंटिंग बाल विवाह का प्रतिफल है। 2 अक्टूबर से बाल विवाह तथा दहेज प्रथा के विरूद्ध सशक्त अभियान चलेगा, इसमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग तीनों का सक्रिय सहभागिता जरूरी होगी। शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा आधारभूत संरचना उप मिशन अन्तर्गत सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा कृषि उप मिशन की भी विस्तृत समीक्षा की गयी और मुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिये।

इसके पश्चात बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के सफल प्रयोग का प्रस्तुतीकरण प्रधान सचिव सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका बहुत अच्छा प्रभाव पड़ रहा है और लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

उक्त बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगण, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेषक पी0के0 ठाकुर, प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय सह सदस्य सचिव बिहार विकास मिशन ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मिशन निदेशक बिहार विकास मिशन सह मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव के साथ-साथ अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।