गांव जाने के लिए जब नहीं मिला कोई साधन, तब पैदल ही 50 मजदूर निकल पड़े अपने घर

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PATNA CITY: कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉक डाउन में जरूरत संबधी सामानों को छोड़कर सरकारी से लेकर प्राइवेट सभी कम्पनी और कार्यलय बंद हो चुके हैं. साथ ही आवागमन के सभी साधन भी बंद हो चुके हैं. ऐसे में प्राइवेट कम्पनियों में काम करने वाला मजदूर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपने घर जाने को मजबूर हैं. इसी क्रम में गुरुवार को जब गांव वापस जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला, तब 50 की संख्या में मजदूरों ने पैदल ही गांव जाने का फैसला कर लिया.

पटना के दानापुर से मजदूर पैदल यात्रा कर खुसरूपुर स्टेशन पर पहुंचे और रात में वहां रुक कर आराम करने लगे. स्थानीय लोगों द्वारा पूछे जाने पर मजदूरों ने बताया लॉक डाउन के दौरान गाड़ी बंद होने की वजह से सभी पैदल अपने घर जमुई जिले के झाझा जा रहे हैं.

इधर मजदूरों की स्टेशन पर होने की सूचना पाकर खुसरूपुर रेल पुलिस मौके पर पहुंची और सबों को एक दूसरे से दूर कर स्टेशन पर ठहराया. वहीं सूचना मिलते ही स्थानीय युवा संगठन के कार्यकर्ता पहुँचे और अपने फंड से सभी मजदूरों को खाना खिलाया. जिसके बाद सुबह वे पैदल ही अपने गांव की ओर निकल गए. मिली जानकारी के अनुसार सभी मजदूर दानापुर में प्राइवेट कंपनी में कॉन्ट्रेक्ट पर काम करते थे. लॉकडाउन के बाद कम्पनी बंद हो गयी और काम लेने वाले ठेकेदार ने मुंह मोड़ लिया. फिर क्या वे सभी पैदल ही झाझा के लिए सभी निकल पड़े.