अभिशाप बनी गंडक नदी बगहा में बरपा रही कहर

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पश्चिमी चंपारण बगहा के लिए अभिशाप बनी गंडक नदी बगहा में कहर बरपा रही है। गंडक के जलस्तर में वृद्धि से मची तबाही से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि जलस्तर में कमी के बाद कटाव ने विकराल रुप ले लिया है। गंडक के कहर से लोग आपा खोने लगे हैं। प्रदर्शन से लेकर सड़क जाम के बीच डीएम और मुख्य अभियंता मौके पर कैम्प कर गंडक नदी की धारा से जुझ रहे हैं। गंडक आगे बढ रही है और कटावनिरोधी कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

गंडक नदी जलस्तर में बढोतरी से बाढ़ तो कमी से कटाव का कहर बरपाती है। पल-पल शहर की ओर आगे बढ़ रही ये बगहा की गंडक नदी है। गंडक के आगे बढ़ने से अपना सब कुछ खोने के डर से लोग आपा खोने लगे हैं। फ्लडफाइटिंग में लगे अभियंता मुश्तैदी से लगे हैं मगर गंडक की धारा उनके मंसुबों पर पानी फेर आगे बढ़ रही है। बगहा शहर के मिर्जाटोली में गंडक के विकराल रुप ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। वहीं अभियंता लाचार हैं और ग्रामीण अपनी बर्बादी के भय से दहशत में है।

एनएच सडक जाम कर प्रदर्शन पर लोग उतर गए। जल संसाधन विभाग की टीम मुख्य अभियंता के नेतृत्व में जुटी है। वहीं कटाव से शहर को बचाने के लिए डीएम तक ने कैम्प कर लिया है। बगहा के लिए अभिशाप बनी गंडक नदी पर काबू पाने के लिए प्रशासन की टीम मुश्तैद है। मौके पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि काम की गति को विराम न लगे।

नेपाल के साथ तराई क्षेत्रों में हुई बारिश से गंडक का जलस्तर 40 हजार क्युसेक तक पहुंच गया है। गिरते जलस्तर ने पानी में करंट क्या दिया बगहा वासियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया । अब देखना होगा प्रशासनिक अमला के साथ जल संसाधन विभाग की मशक्कत कब तक गंडक की धारा पर काबू पाने में सफल हो पाती है।​