वृद्ध आश्रम में रहने वालों को मिली सात समुंद्र पार से ईद की सौगात

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गया – बोधगया जिसका नाम आते हीं भगवान बुद्ध को नमन करते हैं, जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इस वृद्ध आश्रम की कहानी आज से 10 साल पहले की है जब केरल की ऋग्वेदनी यहाँ एनजीओ में नर्स के लिए आई थी तो लोगों की सेवा करते-करते वृद्धों को देखा उसके बाद बूढ़े लोगो की सेवा की भावना को लेकर वृद्ध आश्रम खोला। वह जितना भी कमाती सब आश्रम पर खर्च करती। जब इसकी जानकारी जापान के एनजीओ को लगी तो AMDA (asian medical doctor association) के निदेशक बोधगया पहुँचे और वृद्ध आश्रम सहित कई अलग-अलग जगहों पर कपड़े बाँटे। वृद्ध आश्रम की महिलाएं विदेशी मेहमान को देख काफी खुश हुईं। वहीं महिलाओं ने गीत गाकर स्वागत किया। अभी इस आश्रम में 40 ऐसे वृद्ध महिला-पुरुष हैं जिनका आज से कई साल पहले सब कुछ था, लोग भी उनके थे लेकिन अब कोई न रहा। आज वे वृद्ध आश्रम में रहने के लिए मजबूर हैं।