केंद्रीय कारागार से रिहा विचाराधीन कैदी ने किया बड़ा खुलासा

183
0
SHARE

गया – केन्द्रीय कारागार से बीते गुरूवार को 2 विचाराधीन कैदी राजेन्द्र बहादुर पूरी, नेपाल व हिमाचल के विनोद कुमार रिहा हुए। गया के जीटी रोड पर ट्रक से गांजा बरामद के मामले में एनडीपीएस मामले में वर्ष 2015 से जेल में कैद थे ये कैदी। किसी परिजन को इसकी सूचना तक नही। दोनो में एक राजेन्द्र बहादुर पूरी ट्रक ड्राइवर है तो वहीं विनोद कुमार खलासी है। ट्रक को पश्चिम बंगाल से पंजाब जाना था कि रास्ते मे किसी ने जड़ी बूटी से भरे बोरे कहकर ट्रक में लोड किया था जिसे आमस थाना पुलिस ने गांजा के साथ दोनो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया थाने में 125/15 प्राथमिकी दर्ज है।

रिहा कैदी राजेन्द्र बहादुर पूरी ने बताया कि जब वह जेल आया था तो सभी कैदियो के बीच में रहता था। लोगो से बातचीत हुआ करता था वार्ड से बाहर जेल परिसर में घूमता भी था तभी पैर में जख्म हो गया तो जेल के डॉक्टरों ने इलाज भी किया। इस बीच हीमोग्लोबिन की कमी बता कर खून भी चढ़ाया गया था। जेल प्रशासन द्वारा जब अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, खून की जाँच हुई तो उसमें एचआईवी पॉजिटिव बताया गया जबकि इसके पूर्व भी जेल में खून की जाँच कराई गई थी तो कुछ भी नहीं था जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि पैर के जख्म के समय जैसे-तैसे सुई और बिना स्टर्लाइज्ड किये चीरा लगाया गया था। उसके बाद ही जाँच रिपोर्ट में एड्स की बात सामने आई।

बताया कि एड्स के बाद अन्य कैदियो की तरह वार्ड में नहीं रख कर 19 नम्बर सेल में रखा गया था जहां साँस लेने और चलने तक की परेशानी होती थी। इसकी जानकारी नेशनल ह्यूमन राइट एंड पब्लिक वेलफेयर ट्रस्ट को दी तो संस्था के पहल पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गया जिलाधिकारी, बिहार ह्यूमन राइट से अपील की उसके बाद दोनों कैदियों को रिहा किया गया।