ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों और शहरी क्षेत्रों में जरुरतमंदों के बीच मास्क और साबुन का किया जा रहा है वितरण- अनुपम कुमार

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PATNA: सचिव सूचना और जन-सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह और अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे काम के संबंध में सोमवार को विस्तृत जानकारी दी. 

सचिव, सूचना और जन-संपर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार की ओर से सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं का काफी विस्तार किया गया है और टेस्टिंग क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है. कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान पर भी काफी जोर दिया गया है.

ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों और शहरी क्षेत्रों में जरुरतमंदों के बीच मास्क और साबुन का वितरण किया जा रहा है. विभिन्न राज्यों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से अपने गृह राज्य (बिहार) लौटे 21 लाख से अधिक लोगों का स्किल सर्वे कराया गया है. विभिन्न विभागों की जो फंक्शनल स्कीम्स और उद्योग हैं उनमे इन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रयास किए गए हैं.

पिछली कैबिनेट की मीटिंग में आद्योगिक प्रोत्साहन नीति में कई महत्वपूर्ण संशोधन भी किए गए. ताकि बिहार में निवेश बढ़ें. इस प्रकार हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. लॉकडाउन के कारण या अन्य जो वनरेबल ग्रुप्स हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा के तहत मिलने वाली पेंशन की राशि तीन माह का एडवांस दिया गया. स्कॉलरशिप या अन्य योजनाओं के अंतर्गत छात्र/छात्राओं को दी जानेवाली सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित की गयी.

आंगनबाड़ी के लाभुकों के खाते में भी डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी गयी क्योंकि उस समय आंगनबाड़ी सेंटर्स नहीं चल पा रहे थे. छात्र/छात्राओं के खाते में मिड-डे मिल की राशि दी गयी. लॉकडाउन पीरियड में बाहर फंसे बिहार के लोगों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत करीब 21 लाख लोगों के खाते में प्रति व्यक्ति 1,000 रूपये की सहायता राशि भेजी गई. सभी राशन कार्ड धारी परिवारों के खाते में प्रत्येक परिवार 1,000 रूपये की सहायता राशि अंतरित की गई. सरकार ने गैर राशन कार्ड धारी परिवारों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें भी राशन कार्ड मुहैया कराने का निर्णय लिया और सर्वे के आधार पर राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों के खाते में भी 1,000 रुपये की राशि भेजी गई.

अभी तक गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों के लिए 22 लाख 71 हजार 550 नये राशन कार्ड बनाये जा चुके हैं. राशन कार्ड का वितरण भी काफी तेजी से चल रहा है और अब तक 02 लाख 71 हजार 881 राशन कार्ड वितरित किये जा चुके हैं. 15 जुलाई तक राशन कार्ड का वितरण पूर्ण कर लिया जाएगा. बाहर से आनेवाले लोगों के लिए क्वारंटाइन सेंटर्स की व्यवस्था की गयी. जिसमे औसतन प्रति व्यक्ति लगभग 5,300 रुपये खर्च हुए.

कोविड संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार की ओर से जो कदम उठाये गयें. इस पर 8,500 करोड़ से अधिक रुपये की राशि खर्च की गयी. औद्योगिक नीति में संशोधन के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए सभी जिलों में श्रमिकों की स्किल के मुताबिक़ क्लस्टर्स स्थापित करने के लिए जिलाधिकारियों को फण्ड मुहैया कराया गया गया है. इस प्रकार प्रत्येक जिले में दो-दो क्लस्टर्स लगाने की व्यवस्था की गयी है. कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनायी गयी है और विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए हर जरूरी कदम उठाये गयें.

अभी भी लगातार कार्य किया जा रहा है. लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 4 लाख 78 हजार से अधिक योजनाओं के अंतर्गत लगभग 8 करोड़ 93 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है.