महिला चरखा समिति में मिल जाएगी जेपी की यादों की बारात

1259
0
SHARE

पटना – वर्ष 1940 में महिला चरखा समिति की स्थापना के बाद वर्तमान में जेपी की यादों को चरखा समिति अपने सीने में लगाए है. भवन में लोक नायक जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती देवी रहा करते थे, वहां लोक नायक जयप्रकाश नारायण और प्रभावती देवी की देखरेख में महिलाओं को हुनरमंद बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी. स्वतंत्रता आंदोलन के समय महिलाएं जहां चरखा चलाती थी. लेकिन अब बंद हो गया है. कुछ वर्ष पहले तक महिलायें काम करती थीं.

जानकारों की माने तो बापू चरखे को आर्थिक समृद्धि का आधार मानते थे. बापू का सपना था कि हर घर में चरखे का संगीत सुनाई पड़े और इसके माध्यम से महिलाएं घर से बाहर निकलकर अपना रास्ता स्वयं तय करें. यहां आज महिलाएं भोजन सामग्री के मसाले और दालों की पिसाई कर रही हैं. महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई और उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं.

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी कई हस्तियों ने जेपी आवास पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. देश के प्रथम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से लेकर इंदिरा गांधी, लाल कृष्ण आडवाणी यहाँ आया करते थे. कई कद्दावर नेताओं की उपस्थिति का ये भवन गवाह रह चुका है.