बिहार के इस लाल ने रचा इतिहास

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पटना समाचार/ संवाददाता-

बिहार के एक लाल ने अपने दृढता और साहस के बदौलत इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने वाले पहले बिहारी बन गये हैं। सीतामढ़ी के सुरसंड प्रखंड के धनाड़ी गांव के निवासी प्रभात गौरव ने मांउन्ट एवरेस्ट को फतह कर इतिहास रच दिया है।

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इस तरह के कारनामें करने वाले वे पहले बिहारी बनने का गौरव हासिल किये हैं। वे ओएनजीसी में अभियंता के पद अंकलेश्वर में पदस्थापित हैं। इनके साथ दो और साथी संतोष और निर्मल ने भी मांउन्ट एवरेस्ट पर चढ़ाई की है। ये दोनों भी ओएनजीसी में कार्यरत हैं। प्रभात एक एनजीओ भी चलाते हैं। 17 मई, 2014 को उत्तराखंड में आयी भीषण त्रासदी के दौरान प्रभात व उनकी टीम ने उत्तराखंड पहुंच कर सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार किया था। 15 सितंबर, 1986 को जन्मे प्रभात गौरव का ननिहाल मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखंड के बासुकी बिहारी गांव में है। उसके नाना रत्नेश चौधरी शेरा होजियरी कोलकाता के मालिक हैं।

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शेरा होजियरी के निदेशक अजय कुमार चौधरी उनके ममेरे भाई है।उनके पिता चंद्रभूषण मिश्र सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में अंकेक्षण पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रभात दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटे हैं। बड़ा भाई दीपक कुमार मिश्र भी जॉब में है। प्रभात के इस साहसिक कारनामे के बाद सीतामढ़ी से मधुबनी तक जश्न का माहौल है। उसकी सफलता से परिवार समेत पूरे सुरसंड प्रखंड में उत्साह है। पिता श्री मिश्र बेटे की कामयाबी से गदगद हैं। उधर, शेरा होजियरी के निदेशक अजय कुमार चौधरी ने फुफेरे भाई प्रभात की कामयाबी पर प्रसन्नता जतायी है और इस कामयाबी के लिए बधाई दी है। आज प्रभात गौरव समाज के लिए प्रेरणा के श्रोत बने हैं।