मात्र चार दमकल के सहारे पांच जिलों के आगजनी की घटनाओं पर कैसे होगा नियंत्रण ?

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जहानाबाद  समाचार- (Jehanabad News) गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाओं में बढ़ोतरी होने लगती है। आग पर काबू पाने के लिए जिले में अग्निशमन विभाग का कार्यालय तो है, लेकिन 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी उसके पास अपना भवन नहीं है। अग्निशमन विभाग का कार्यालय बाजार समिति प्रांगण के कोने में स्थित कोल्डस्टोरेज के बरामदे से संचालित होता है। यह स्थिति वर्षों से है। अग्निशमन विभाग के कर्मियों का निवास भी बरामदे में ही है।

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जहानाबाद जिले में होने वाले आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए साल 1985 में दमकल विभाग का कार्यालय खोला गया था। शुरूआती दौर में कार्यालय तो था किन्तु दमकल और उसमें जल संग्रह करने की व्यवस्था नहीं थी। धीरे-धीरे समस्याओं का समाधान करते हुए पानी संग्रह के लिए बोरिंग की व्यवस्था की गयी। दमकल की संख्या भी बढ़ायी गयी लेकिन विभाग का निजी भवन अब तक नहीं बनाये जाने से कार्यालय बरामदे में संचालित है। दमकल कर्मी गर्मी में लू के थपेड़ों को सहते हुए काम करते हैं। कर्मचारियों के लिए समुचित आवास तक की व्यवस्था नहीं है। फिलहाल अग्निशमन कार्यालय में एक पदाधिकारी, तीन हवलदार, दस आरक्षी और चार चालक पदस्थापित हैं।

जहानाबाद स्थित अग्निशमन कार्यालय में चार दमकलों की व्यवस्था है जिसमें साढ़े पांच हजार लीटर पानी संग्रहण करने की क्षमता वाली दो और तीन सौ लीटर की क्षमता वाली दो गाड़ियां हैं। इसके अलावा दो दमकल खराब पड़े हैं। जहानाबाद के अलावा अरवल, नालंदा, गया और पटना जिले के कुछ इलाकों में अग्निकाण्ड होने पर यहां से दमकल आग बुझाने के लिए भेजी जाती है। वर्ष 2016 में आगलगी की 157 घटनाएं हुई थी। राज्य स्तर पर अगलगी की घटनाओं के लिए जहानाबाद का चौथा स्थान रहा था।

अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने के साथ ही साथ विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। बरामदे में संचालित कार्यालय और उसी में चौकी बिछाकर रहने वाले दमकल कर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति मुस्तैद हैं। शहर के अलावा ग्रामीण इलाके में उनके द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वे लोगों को बता रहे हैं कि आग लगने की घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है। गांव में लकड़ी से खाना बनाने वाले परिवारों को बतातें हैं कि खाना बनाने के बाद आग को पानी से अच्छी तरह बुझा लें ताकि हवा चलने की स्थिति में आगलगी की घटना न हो। रसोई गैस से खाना बनाने वालों को भी पूरी सावधानी बरतने की नसीहत उनके द्वारा दी जा रही है।