चुनावी ऐफिडेविट में तेजप्रताप और तेजस्वी ने दी थी कंपनी में निवेश की जानकारी लेकिन नहीं बताया था कंपनी का नाम

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बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम एवं बीजेपी नेता सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव के दोनों मंत्री बेटों पर मिट्टी घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और चंदा यादव को 20 जून 2014 को निदेशक बनाया गया।

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इस कंपनी को 2 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई। इसी जमीन पर बिहार में एक बड़ा शापिंग मॉल बन रहा है। उन्होने यह भी आरोप लगाया है कि इस कंपनी में निवेश की बात तेजस्वी और तेज प्रताप यादव ने चुनाव लड़ते वक्त दिए जाने वाले एफिडेविड में नहीं बताई है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक मिट्टी घोटाले को लेकर घिरे आरजेडी नेता तेज प्रताप और तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने ऐफिडेविट में एक कंपनी में निवेश का जिक्र किया है। लेकिन यह नहीं बताया कि किस कंपनी में पैसा लगाया है। संपत्तियों के कॉलम में तेज प्रताप यादव ने लिखा है ‘शेयर इन इंडियन कंपनी’। उन्होंने 25,10,000 रुपये निवेश बताया है। जबकि तेजस्वी यादव ने भी कंपनी का नाम बताए बिना 5,38,100 रुपये का निवेश दिखाया है।

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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त केजे राव ने बताया कि ऐफिडेविट में यह जानकारी देना काफी है कि भारतीय कंपनी में कितना निवेश है। यह जानकारी जरूरी नहीं है कि किस कंपनी में निवेश है और कितने शेयर हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्सव एवं नेशनल इलेक्शन वॉच के संस्थापक सदस्य प्रोफेसर जगदीप छोकर कहते हैं कि अगर ऐफिडेविट में कंपनी का नाम मांगा गया है और उस कॉलम का नाम छोड़ दिया गया है तो यह गलत है। यदि नहीं मांगा गया है तो फिर कुछ नहीं कर सकते। हालांकि छोकर व्यक्तिगत रूप से यह मानते हैं कि तकनीकी तौर पर यह बताना चाहिए कि निवेश किस कंपनी में है। इस मामले में लालू प्रसाद ने कहा है कि 9 साल पुराने घिसे पिटे मामले को उठाकर मोदी अपना भद्द पिटवा रहे हैं। 2008 में भी कुछ नेताओं ने इस मामले को लेकर आरोप लगाया था। तब उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी। अब सुशील मोदी की बारी है। सुशील मोदी सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए इस तरह के आरोप लगाते हैं।