जेईई एडवांस 2017 के रिजल्ट में फिर बजा गणितज्ञ आनंद के सुपर थर्टी का डंका

976
0
SHARE

पटना समाचार / संवाददाता- (Patna News) जेईई एडवांस 2017 का रिजल्ट में फिर से गणितज्ञ आनंद सुपर थर्टी का डंका बजा है। सुपर थर्टी के सभी 30 परिक्षार्थी उतीर्ण हुए हैं। बहुत अच्छा रहा इस बार 30 बच्चे क्वालीफाई कर गए हैं। इस उपलब्धी के बाद हम इसको और वृहद रूप देना चाह रहे हैं।

Read More Patna News in Hindi

2019 में हमलोग काफी बच्चे के साथ आएंगे। इसलिए इस बार 2017 में हमलोग 10वीं पास बच्चों को सिलेक्ट करने जा रहे हैं। अगले हफ्ते से इस प्रक्रिया का आरंभ होगा। इस साल के रिज़ल्ट के बाद जिस तरह से बच्चों ने मेरा हौसला बढ़ाया है। इससे हम काफी उत्साहित हैं। पिछले 15 सालों से ये जो सुपर 30 का प्रोग्राम चल रहा, जिसमें हमने अभी तक 450 बच्चों को ट्रेंड किया है। 396 बच्चों को हमने अभीतक आईआईटी में भेंजा है। इस प्रोग्राम में हमने किसी भी संस्था या सरकार से कोई पैसा नहीं लिया है।

Read More Bihar News in Hindi in Hindi

हमलोग खुद धनोपार्जन कर के खुद ट्यूशन पढ़ा के इन बच्चों को वहां तक भेजा है । आने वाले समय में हम ऑन लाईन क्लास की भी शुरुआत करने जा रहे हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ाई बढ़िया तरीके से हो इसके लिए एक योजना और चलाने वाले हैं । जिसमें क्लास 6 से 12 तक के लड़के के लिए एक स्कूल खोला जा सके । हमारे बच्चों ने बहुत अच्छा किया है । सुपर 30 को एक नई ऊंचाई तक ले गए हैं । वहीं इस बार आईआईटी में 67वां रैंक लाने वाले अरबाज ने बताया कि मैं नालंदा के करायसपुरा गांव का रहने वाला हूं । मैं बहुत ही गरीब घर से हूं । मेरे पिताजी अंडा का व्यवसायी है । मैं मीडिया का धन्यवाद देता हूं कि उन्ही के चलते मुझे विज्ञापन के माध्यम से पता चला कि सुपर 30 पटना में गरीब बच्चों को आईआईटी क्वालीफाई करवाते हैं । मैं आनंद सर का बहुत आभारी हूं । मैं कक्षा 10 में था तब मैं सुपर 30 का एक्जाम दिया था । उसके बाद हम दो साल यहां रहे । यहां हमे सभी जरूरत को पूरा किया जाता है । यहां कभी जातिगत भेदभाव नहीं हुआ। हमसब लोग मिल कर रहते हैं । जबकि जेनरल केटेगरी में 11711 रैंक लाने वाले सेल्वीन ने बताया कि मैं कंकड़बाग पटना में रहता हूं और मेरा एसी केटेगरी में 208 रैंक आया है। मैं सुपर 30 में तीन साल से पढ़ रहा हूं 10वीं के बाद यहा आ गया था। मेरे पिताजी एक योगा टीचर हैं। घर -घर जाकर योगा सिखाते हैं। हम तीन भाई बहन हैं। जब हम 8 में थे तो मेरे पिताजी ने सुपर 30 के बारे में बताया था । वहीं गौरव पांडेय ने बताया कि मैं हावड़ा में रहता हूं। मेरे पिताजी का मोटर पार्टस का एक छोटा सा दुकान है। मेरे भाई ने मुझे यहां के बारे में बताया था। यहां के टीचर बहुत अच्छे हैं। यहां का बहुत बढ़िया मौहोल है I हम लोग आपस मे ग्रुप डिस्कशन करते रहते हैं ।