बिहार बोर्ड : इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2019, 6 फरवरी से 16 फरवरी के बीच दो पालियों में होगा

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पटना – बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष, आनंद किशोर द्वारा आज इंटरमीडिएट तथा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2019 के परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा की गई। परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा के क्रम में अध्यक्ष ने बताया कि इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2019 का आयोजन बुधवार दिनांक 06.02.2019 से शनिवार दिनांक 16.02.2019 के बीच दो पालियों में किया जायेगा। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 09ः30 बजे से अपराह्न 12ः45 बजे तक चलेगी। द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 01ः45 बजे से अपराह्न 05ः00 बजे तक चलेगी।

इसी प्रकार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2019 का आयोजन गुरूवार दिनांक 21.02.2019 से गुरूवार दिनांक 28.02.2019 के बीच दो पालियों में किया जायेगा। वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी विद्यार्थियों को सभी पालियों में 15 मिनट का आरम्भिक समय परीक्षार्थी को प्रश्नों को पढ़ने व समझने के लिए दिया गया है। वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले स्पाॅस्टिक नेत्रहीन एवं वैसे दिव्यांग परीक्षार्थी, जो स्वयं लिखने में असमर्थ हैं, को पूर्व की भांति समिति द्वारा लेखक रखने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित समय में 10 मिनट प्रति घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

इंटरमीडिएट तथा मैट्रिक परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण के लिए अध्यक्ष ने जिलों को दिया निर्देश –

आनंद किशोर ने वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा, 2019 के लिए राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया है। अध्य़क्ष ने निर्देश दिया है कि परीक्षा का संचालन स्वच्छ एवं कदाचार रहित हो, इसके लिए राज्य सरकार, शिक्षा विभाग एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रतिबद्ध है। उक्त कार्य तभी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा, जब परीक्षा केन्द्रांे के निर्धारण में सभी जिला पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका होगी।

अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण, कदाचाररहित एवं स्वच्छ वातावरण में परीक्षा संचालन की प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण है। सभी आवश्यक आधारभूत संरचना यथा- चहारदिवारी, गेट, पर्याप्त कमरे, उपस्कर (बेंच, डेस्क) की उपलब्धता आदि सुविधायुक्त शिक्षण संस्थानों में परीक्षा केन्द्र बनाने और प्रत्येक केन्द्र के साथ सुविचारित ढंग से विद्यालयों को सम्बद्ध करने से ही परीक्षा संबंधी अनेक समस्याओं का स्वतः समाधान हो जाता है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के द्वारा प्रत्येक जिला के लिए एक परीक्षा केन्द्र चयन समिति गठित है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है, जिन्हें जिला की भौगोलिक स्थिति, विद्यालयों की अवस्थिति, परीक्षा केन्द्र एवं विद्यालयों के परीक्षा संबंधी पूर्व इतिहास की सम्यक् जानकारी हो। जिला स्तर पर गठित परीक्षा केन्द्र चयन समिति निम्नवत् है:-

(क) जिला पदाधिकारी – अध्यक्ष

(ख) पुलिस अधीक्षक – सदस्य

(ग) सभी अनुमण्डल पदाधिकारी – सदस्य

(घ) जिला के माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष – सदस्य

(ङ) जिला शिक्षा पदाधिकारी – सदस्य सचिव-सह-संयोजक

बता दें कि विगत् वर्षाें से राज्य में परीक्षार्थियों की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि होने एवं जिले में परीक्षा केन्द्रों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर वार्षिक माध्यमिक की सैद्धान्तिक परीक्षा दो पालियों में संचालित की जा रही है। उसी अनुरूप आगामी वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2019 दो पालियों में संचालित किया जाना है। परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण के समय इस बात का ध्यान रखा जाना आवश्यक है कि परीक्षा केन्द्रों में उपलब्ध आवासन क्षमता के अनुरूप ही परीक्षार्थियों की संख्या का निर्धारण किया जाय। साथ ही यदि किसी परीक्षा केन्द्र में 10 विद्यालयों को सम्बद्ध किया जाता है, तो पाँच विद्यालयों के परीक्षार्थी को प्रथम पाली में तथा शेष पाँच विद्यालयों के परीक्षार्थी को द्वितीय पाली में संबद्ध किया जाएगा। इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए कि किसी भी विद्यालय के सभी छात्र/छात्राओं को एक परीक्षा केन्द्र पर एक ही पाली में संबद्ध किया जाए, दो अलग-अलग पालियों में विभाजित कर नहीं।

परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण के समय यह भी ध्यान रखा जाय कि गत् वर्ष जिन परीक्षा केन्द्रों से जो विद्यालय सम्बद्ध किये गये थे, उसकी पुनरावृति नहीं हो। साथ ही किसी दो विद्यालयों (परीक्षा केन्द्र) में परस्पर सम्बद्धता अर्थात् परीक्षा केन्द्र वाले शिक्षण संस्थान को परीक्षा केन्द्र में टैग किया गया है तो शिक्षण संस्थान का टैंगिग के साथ नहीं किया जाय।

परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण जिला मुख्यालय स्तर के साथ-साथ अनुमण्डल स्तर पर भी किया जाना है, परन्तु कदाचार रोकने के उद्देश्य से छात्रों का परीक्षा केन्द्र उनके गृह अनुमण्डल में नहीं हो अर्थात् एक अनुमण्डल के विद्यालयों के छात्र को दूसरे अनुमण्डल के परीक्षा केन्द्रों से सम्बद्ध किया जाय और छात्राओं का परीक्षा केन्द्र उनके गृह अनुमण्डल में ही रखा जाय। किसी भी परिस्थिति में गृह परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जाएगा। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि जिले के किसी भी विद्यालय के छात्र/छात्राओं का परीक्षा केन्द्र के साथ संबंद्धन छूट न जाए।

जिले में परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण, उसमें पालीवार विद्यालयों के संबंद्धन एवं केन्द्राधीक्षकों की नियुक्ति हो जाने के पश्चात् समिति द्वारा परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक एडवाइस निर्गत किये जाते हैं तथा निर्धारित परीक्षा केन्द्रों के अनुसार ही परीक्षा केन्द्र व्यय एवं विधि-व्यवस्था मद में राशि की गणना कर डिमान्ड ड्राफ्ट आदि बनवाये जाते हैं। परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण के पश्चात् यदि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों/टैगिंग में परिवर्तन किये जाते हैं, तो इसके फलस्वरूप प्रश्न पत्र, सादी उत्तरपुस्तिका, ओ0एम0आर0 उत्तर पत्रक की आपूर्ति हेतु निर्गत एडवाइस भी प्रभावित हो जाते हैं। निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में परिवर्तन हो जाने के कारण परीक्षार्थियों एवं अन्य के लिए विज्ञप्ति के माध्यम से परीक्षा केन्द्र परिवर्तन की सूचना प्रसारित करने के साथ-साथ अचानक अनेक कठिनाईयाँ उत्पन्न हो जाती हैं और परीक्षार्थियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ जाता है।

इसलिए परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण एवं उसमें विद्यालयों को संबंद्ध करते समय इस बात पर पूरा ध्यान रखना आवश्यक होगा कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों एवं उसमें संबंद्ध विद्यालयों के परीक्षा केन्द्र में अंतिम समय में कोई परिवर्तन नहीं करना पड़े। साथ ही परीक्षा केन्द्रों के नाम, पता तथा केन्द्राधीक्षकों के नाम आदि में कोई त्रुटि न हो ताकि परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षक के नाम केन्द्र व्यय के मद में तैयार डिमान्ड ड्राफ्ट में संशोधन की आवश्यता न हो।

जिले में निर्धारित होने वाले प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के लिए केन्द्राधीक्षकों की नियुक्ति हेतु केन्द्राधीक्षक के नाम, पता, मोबाईल नं॰ एवं उनके चालू ई-मेल आई॰डी॰ का भी अवश्य उल्लेख किया जाय। केन्द्राधीक्षक की अनुशंसा के पूर्व यह सुनिश्चित हो लेना आवश्यक है कि वे योग्य एवं स्वच्छ छवि के हों तथा उनके विरूद्ध परीक्षा संबंधी अथवा अन्य किसी तरह के कदाचार का मामला लंबित नहीं हो। केवल विधिवत् कार्यरत प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका को ही सामान्यतः केन्द्राधीक्षक नियुक्त करने की अनुशंसा की जाय। प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति/अनुपलब्धता में ही विधिवत् कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापिका की अनुशंसा केन्द्राधीक्षक के लिए किया जाय। नियुक्त किये जाने वाले केन्द्राधीक्षक का कोई वार्ड उक्त परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो रहा है, इस आशय का घोषणा पत्र भी नियुक्त होने वाले केन्द्राधीक्षक से प्राप्त कर लेना आवश्यक होगा।