शहीद जवान को सरकारी मुलाजिमों ने दो गज जमीन भी देना मुनासिब नहीं समझा

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भोजपुर संवाददाता – सुकमा हमले में शहीद अभय मिश्रा को आज सुबह नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस विदाई में गांव के सैकड़ों लोग शामिल थे । शहीद का शव आज सुबह भोजपुर जिले के तुलसी गांव लाया गया |

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अपने लाल के मौत की खबर सुनते ही पूरा गांव मातम में डूबा हुआ था लेकिन जैसे ही शहीद का शव गांव पहुंचा तो हर तरफ रोने-पीटने की आवाज़ सुनाई देने लगी । शहीद की मां, दादी, चाची का रो-रो कर बुरा हाल था। शहीद के पिता ने कल जिले के कुछ अधिकारियों से मांग की थी कि उनके बेटे अभय मिश्रा के नाम पर एक शहीद स्मारक स्थल बनाया जाए लेकिन सरकारी मुलाजिमों ने 2 गज जमीन भी देना मुनासिब नहीं समझा। यहां तक कह डाला कि अगर दाह संस्कार सरकारी जमीन पर करेंगे तो आप पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार के भरोसे बैठा शहीद का परिवार उस वक्त अचंभे में पड़ गया जब दाह संस्कार के लिए कोई जमीन देने को तैयार नहीं था । जैसे-तैसे करके दो गज जमीन शहीद के दाह संस्कार के लिए मिला । आनन फानन में जेसीबी मांगा कर अंतिम विदाई के लिए दो गज जमीन तैयार की गई | जब जमीन तैयार की जा रही थी तब जिले का हर छोटे-बड़े अधिकारी शामिल थी।

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शहीद का परिवार उस समय सकते में आ गया जब शहीद की पत्नी सामने आ पहुंची। परिवार वालों को यह मालूम नहीं था कि उनका बेटा एक लड़की से प्रेम विवाह कर बैठा है। घर वालों से छुपा कर 4 साल पहले ही रानी के साथ अभय ने शादी की थी, जो कि आज पूरे गांव के सामने आ गई और सब को अचंभा कर दिया। शहीद का एक दो साल का बेटा भी है। बेटे ने शहीद को मुख अग्नि दी। आखिरकार सदा के लिए पंचतत्व में अभय विलीन हो गये। विधाता ने जो अपने कलम से अभय की तकदीर लिखी थी उसको सोच कर आसमान भी रो रहा था। 2 साल के आयुष ने जब मुखाग्नि दी तो हजारों का उमड़ा हुजूम रो पड़ा । इसके साथ ही सदा के लिए वे पंचतत्व में विलीन हो गए।