नीतीश के नेता ने किया उन्हें कलंकित !

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मुजफ्फरपुर- जिस दिन नीतीश कुमार बिहार वासियों को दहेज के खिलाफ शपथ दिला रहे थे, उसी दिन उनके नेता ने अपनी बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करते हुए दर्दनाक मौत दे दी और उसकी लाश को गायब कर बहू के लापता हो जाने की बात बताने लगे। इस बात की हकीकत जल्द ही सामने आ गई और लड़की के मायके वाले ने इस मामले में जदयू नेता सहित उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर एफआईआर दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है और जेडीयू नेता की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कर रही है।

मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है जहां के मड़वन के करजा थाना क्षेत्र के करजा नयाटोला के रहने वाले जेडीयू नेता अरुण कुशवाहा के द्वारा लगातार अपनी बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और बार-बार मायके से आल्टो कार लाने की बात कही जा रही थी। इसी बात का विरोध करने पर उन्होंने पूरे परिवार के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। उसकी लाश को गायब करने का आरोप लगाते हुए मृतका के पिता महेश भगत ने कर्जा थाना को आवेदन दिया है जिसके आलोक में दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया है। लड़की के पिता ने जदयू नेता अरुण कुशवाहा के साथ-साथ पति दीपक कुमार, संदीप कुमार, सास आशा देवी व ससुर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

एक बच्चे की मां थी रीना

मामले की जानकारी देते हुए वैशाली थाना के बेलुका निवासी मृतका के पिता महेश भगत ने बताया कि वर्ष 2015 में रीना की शादी दीपक कुमार से की गई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले लगातार दहेज में और पैसा व फोर व्हीलर गाड़ी लाने की बात कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और रीना की हत्या कर दी गई। वह एक बच्चे की मां भी थी। वहीँ इस पूरे मामले पर जब जेडीयू के जिला अध्यक्ष हरिओम कुशवाहा से बात की गयी तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि अरुण कुशवाहा हमारे प्रदेश के नेता है, प्रदेश स्तर से ही एक कमिटी बनाई गयी है जो इस मामले की जांच करेगी और यदि वे दोषी पाए गए तो पार्टी प्राथमिक सदस्यता तक ख़त्म कर देगी।

वैसे पार्टी नेता का जमकर बचाओ करते हुए तर्क भी दिया कि लड़की प्रेम प्रसंग में भाग जाती है और केस हत्या या अपहरण का दर्ज हो जाता है। लड़की पक्ष के द्वारा पैसे की उगाही के लिए भी दहेज हत्या का केस दर्ज करा दिया जाता है। जब तक पार्टी की जांच कमिटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक दोषी नहीं माना जाएगा।

बहरहाल बिहार में नीतीश सरकार दहेज़ एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए काफी प्रयास कर रही है। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के वरीय नेता के द्वारा दहेज के लिए बहु की हत्या कर देने की घटना से स्पष्ट होता है कि बिहार में दहेज उन्मूलन की बात करना फिलहाल सूबे के मुखिया का दिवास्वप्न लगता है।