बिजली बनी शामत

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जहानाबाद – सरकार के बिजली को लेकर चलाये विज्ञापन को देखिये और जमीनी हक़ीक़त को समझिये। विज्ञापन कहता है कि बिजली बिल गांव में सौभाग्य योजना के तहत अमूमन 100 से 200 रुपये आने चाहिए। परंतु बिहार के जहानाबाद के खरका गाँव की हकीकत कुछ और ही है। गाँव में बिजली आयी तो लोगों को लगा कि अब अंधेरे से निजात मिलेगी परंतु उन्हें क्या पता था कि ये बिजली ही शामत बन जाएगी।

जिले के खरका गांव में साल भर पहले बिजली आयी परंतु विभाग के नकारेपन से बिजली बिल इतना ज्यादा आ रहा है कि लोगों के अनाप शनाप बिल आने लगा। मसलन राम बचन सिंह का महीने का 44490 रुपया, मनिया देवी का 10590 एवं उर्मिला देवी का 3500 बिजली बिल आ रहा है जबकि ग्रामीण इलाका होने के कारण बिजली बिल तकरीबन 100 से 500 तक आने चाहिए। बिजली के मनमाने बिल आने से परेशान दर्जनों महिलाओं ने डीएम ऑफिस में आकर बिजली बिल सुधारने की गुहार लगाई है।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि शुरुआत के दिनों में बिजली बिल सौ से दो सौ रुपये तक आते थे। पर पिछले कुछ माह से मनमाने तरीके से आने शुरू हो गए। इसको लेकर कई बार बिजली विभाग के कार्यालय जा कर सुधार करने के लिए आवेदन भी दिए। परंतु कोई सुधार नही हुआ।

इधर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि तकरीबन 20 लोगो के बिल में गड़बड़ी की सुधार कर दिया गया परंतु अब फिक्स का जमाना चला गया जितना बिल आयेगा उतना देना पड़ेगा।