माँ को गर्व है देश के लिए जीतेन्द्र शहीद हुआ

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श्रीनगर के कुलगांव में सीआरपीएफ के 24वीं बटालियन में तैनात बिहार के बेगूसराय का लाल देश की सेवा में शहीद हो गया। अपने बेटे की शहादत पर मां को गर्व है।

बरौनी प्रखंड की हाजीपुर पंचायत के दक्षिणबारी टोला निवासी स्व. महेंद्र मल्लिक के 21 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार मल्लिक की मौत श्रीनगर कुलगांव सीआरपीएफ 24 बटालियन में ड्यूटी के दौरान शनिवार की दोपहर हो गई। जितेंद्र कुमार मल्लिक के निधन की सूचना सीआरपीएफ 24 बटालियन से मोबाइल पर फोन कर परिजनों को दी गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। ये समाचार मिलते ही गाँव सहित आस-पास के लोगों का जुटान होने लगा।

सीआरपीएफ 24 बटालियन के डिप्टी कमांडेट अजय कुमार ने बताया की जितेंद्र कुमार मल्लिक कैंप में सैनिक कार्य के दौरान गिर गया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। बेहोशी की स्थिति में उसे सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार नहीं होता देख उसे बेहतर इलाज के लिए अनंतनाग और श्रीनगर अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता के देहांत होने के बाद जीतेन्द्र को सीआरपीएफ की नौकरी मिली थी।

जितेंद्र कुमार मल्लिक के पिता महेंद्र मल्लिक भी सीआरपीएफ में कार्यरत थे। उनका निधन विगत वर्ष 2012 ई को उत्तर प्रदेश अमेठी में सीआरपीएफ में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से हो गया था। पिता की मौत के बाद जितेंद्र कुमार मल्लिक एक जनवरी 2014 को उत्तर प्रदेश अमेठी में सीआरपीएफ 24 बटालियन में बहाल हुआ और  पोस्टिग श्रीनगर के कुलगांव में था।
जितेंद्र कुमार मल्लिक चार भाइयों में तीसरा भाई था। जबकि एक बहन है। बड़ा भाई राजेश मल्लिक, संजय मल्लिक एवं छोटा भाई राहुल मल्लिक, बड़ी बहन प्रमिला देवी है। जवान जितेंद्र कुमार मल्लिक अविवाहित था। जवान के भाई राजेश मल्लिक ने बताया कि जितेंद्र एक से पांच वर्ग तक की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में किया था। इसके बाद वर्ग छह से इंटर तक की पढ़ाई चेन्नई सेंट्रल मद्रास में किया। उन्होंने बताया कि पिताजी के निधन के बाद जितेंद्र कुमार मल्लिक पढ़ा लिखा था। जिसको लेकर सभी भाई व माता ने मिलकर जितेंद्र कुमार को ही नौकरी में भेजा। तब से अभी तक नौकरी कर रहा था। जितेंद्र कुमार मल्लिक की माता मीना देवी ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उसके बेटे जितेंद्र से आखिरी बात विगत 15 फरवरी की शाम सात बजे हुई थी। इस दौरान उसने कहा माता घर में चूल्हा बंद नहीं करो। खाना बनाकर खाओ और अच्छे ढंग से रहो। बेटे की मौत की सूचना के बाद माता ने कहा उसके परिवार से दो लोग देश की रक्षा में शहीद हुए हैं। फिर भी मैं तीसरे बेटे को भी सेना में भर्ती करूंगी। हमें अपने पुत्र पर गर्व है।